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Indore: राम वन गमन पथ पर पैदल निकली यूपी की शिप्रा, अयोध्या से शुरू की चार हजार किलोमीटर की यात्रा

Tue, 02 Jan 2024 08:17 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

यात्रा का उद्देश्य बताते हुए शिप्रा कहती है कि राम वन गमन पथ रामायणकाल की तरह हरा भरा रहे। वहां पेड़ों की कटाई न हो, इसलिए यात्रा कर रही हुं। भगवान राम ने 14 वर्ष जिन जंगलों में गुजारे, उन्हें भी बचाना होगा। 
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राम वन गमन पथ पर पैदल चल रही शिप्रा - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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उत्तरप्रदेश के बदायूं दातागंज में रहने वाली शिप्रा पाठक ने अयोध्या से पैदल यात्रा शुरू की। वनवास के बाद सीता अौर लक्ष्मण को लेकर राम जिस पथ पर चले थे। उन पर शिप्रा अकेली पैदल चल रही है। 1300 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर वे जबलपुर पहुंची है और अब मध्य प्रदेश राज्य से महाराष्ट्र की तरफ जाएगी।

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तीन साल पहले नर्मदा परिक्रमा कर चुकी शिप्रा कहती है कि राम गमन पथ का कोई तय मार्ग नहीं है। राम चरित्र मानस में बताए गए चिन्हों के आधार पर मैने नक्शा बनाया और उसी आधार पर पैदल चलनेे का फैसला लिया है । चार हजार किलोमीटर लंबी यात्रा अयोध्या से शुरू हुई जो सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, चित्रकूट से होकर जबलपुर पहुंची। यात्रा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडू के राज्य से होकर गुजरेगी।

यात्रा का उद्देश्य बताते हुए शिप्रा कहती है कि राम वन गमन पथ रामायणकाल की तरह हरा भरा रहे। वहां पेड़ों की कटाई न हो, इसलिए यात्रा कर रही हुं। हमने राम मंदिर बनाकर उनके जन्म स्थान को सहेज लिया है,लेकिन राम ने 14 वर्ष जिन जंगलों में गुजारे, उन्हें भी बचाना होगा। कई जगह जंगल नहीं बचे है।

शिप्रा कहती है कि इस पथ पर मुझसे पहले सीता मैया ही पैदल चली है। उनकी प्रेरणा से ही मैंने इस यात्रा को पूरा करने का संकल्प लिया है।

34 दिन में 1300 किलोमीटर पैदल चल चुकी है शिप्रा

34 दिन पहले शिप्रा ने अयोध्या से पैदल यात्रा शुरू की थी। वे अब तक 1300 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है। पूरी यात्रा पांच माह में पूरी करने का उन्होंने लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि अब तक की यात्रा में सबसे घने जंगल मध्य प्रदेश में ही मिले है। उमरिया, शहडोल, अमरकंटक में घना जंगले के बीच यात्रा की। शिप्रा कहती है कि वे दिनभर पैदल चलती है और शाम होते ही किसी मंदिर या आश्रम में रात्रि विश्राम करती है।

 

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