कचरे का निपटान आशापुरा गांव में लगे भस्मक में होगा। कचरे को 800 डिग्री तापमान से ज्यादा में जलाया जाएगा। इसके लिए रात से ही भट्टी को गर्म करने की प्रक्रिया शुरू होगी। तीन दिन मेें अलग-अलग मात्रा में कचरे का निपटान होगा।
यूनियन कार्बाइड कचरे को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कंपनी को कांग्रेस ने ही भोपाल में फैक्टरी लगाने का लाइसेंस दिया था। घटना के बाद कचरे का निपटान भी कांग्रेस ने नहीं किया। यूनियन कार्बाइड का कचरा कांग्रेस का पाप है। कांग्रेस के शासनकाल में ही लोगों की मौत हुई थी। कोर्ट कैबिनेट के आधार पर कचरे के निपटान का फैसला लिया गया।
इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि बीआरटीएस के चौराहों पर ब्रिज बनाए जाएंगे। कोर्ट ने भी बीआरटीएस हटाने की अनुमति दी है। इससे ट्रैफिक और आसान होगा।