इंदौर उज्जैन मार्ग होगा छहलेन।
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पांच साल बाद उज्जैन में लगने वाले सिंंहस्थ मेले के लिए उज्जैन शहर की कनेक्टविटी बढ़ाने की तरफ राज्य सरकार खासतौर से ध्यान दे रही है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने इंदौर उज्जैन मार्ग को छह लेन बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा उज्जैन देवास मार्ग भी छह लेन होगा। दोनों मार्गों के टेंडर जारी हो चुके हैं।
सालभर में दोनों सड़कों का निर्माण पूरा होगा। सड़क चौड़ी होने के बाद इंदौर से उज्जैन जाने का समय और कम हो जाएगा। अभी यहां फोरलेन रोड है। इंदौर विकास प्राधिकरण इस मार्ग के लवकुश चौराहा पर डबलडेकर ब्रिज भी बना रहा है। इसका काम भी जल्दी शुरू होगा।
महाकाल लोक बनने के बाद अफसरों ने इंदौर.उज्जैन रोड को आठ लेन बनाने की योजना बनाई थी। इस प्रोजेक्ट के लिए लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने अफसरों से चर्चा की थी। सारी तैयारियां पूरी होने के बाद बुधवार को टेंडर जारी हो गए।
55 किलोमीटर है इंदौर-उज्जैन के बीच की दूरी
इंदौर से उज्जैन के बीच की दूरी 55 किलोमीटर है और करीब एक घंटे का समय लगता है। मार्ग पर इंदौर से धरमपुरी तक कई टाउनशिपए कॉलेज और बड़े स्कूल भी खुल गए हैं। इस वजह से दोपहिया और चार पहिया वाहनों का ट्रैफिक इस रूट पर बढ़ गया हैए जबकि 100 से ज्यादा यात्री वाहनों के फेरे इंदौर से उज्जैन के बीच लगते हैं। राजस्थान की तरफ जाने वाले वाहन भी इंदौर.उज्जैन रोड से नागदा होकर राजस्थान की तरफ जाते हैं। छह लेन बनने से ट्रैफिक वाहन चालक जल्दी दूरी तय कर सकेंगे।
उज्जैन से ओंकारेश्वर जाने में भी कम समय लगेगा
सिंहस्थ के समय सबसे ज्यादा ट्रैफिक का लोड इंदौर.उज्जैन मार्ग पर रहेगा। इस सड़क को सालभर में आठ लेन करने का लक्ष्य रखा गया है। उज्जैन से काफी यात्री ओंकारेश्वर भी जाते हैं। छह लेन सड़क बनने से ट्रैफिक का दबाव मार्ग पर कम हो जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इंदौर.इच्छापुर मार्ग को फोरलेन कर रहा है। इसके बाद उज्जैन से ओंकारेश्वर जाना ज्यादा आसान होगा। इंदौर इच्छापुर मार्ग का निर्माण भी शुरू हो चुका है।