पहाड़ काट कर बनाया जा रहा रास्ता।
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इंदौर से इच्छापुर तक बन रहे फोरलेन मार्ग का काम तेज गति से चल रहा है। दो सालों में यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। भैरवघाट के घुमावदार सड़कों के बजाए नए फोरलेन का रास्ता सुरंगों के बीच सुरम्य वादियों से होकर गुजरेगा। सुरंगों का काम भी 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
इंदौर से इच्छापुर तक पहले अशोका बिल्डकाॅन ने दो लेन सड़क बनाई थी। छह साल पहले कंपनी का टोल ठेका समाप्त हो चुका है। ट्रैफिक बढ़ने के कारण यहां अक्सर यातायात बाधित होता रहता था। इसके बाद एनएचएआई ने इंदौर से इच्छापुर तक 203 किलोमीटर लंबी दो लेन सड़क को फोरलेन करने का फैसला लिया। सबसे बड़ी परेशानी 20 किलोमीटर का भैैरवघाट था। वहां काफी ढलान था।
इस हिस्से में सिमरोल से लेकर चोरल के पहले तक पहाड़ों के बीच से सुरंग के जरिए सफर आसान करने का फैसला लिया गया। कुल 2 किलोमीटर लंबाई में सुरंगों का काम जारी है। विस्फोट के जरिए पहाड़ों की चट्टानों को तोड़कर सड़क बनाया जा रहा है।
अभी इंदौर से खंडवा तक जाने में साढ़े चार घंटे लगते है, लेकिन फोरलेन बनने के बाद यह सफर साढ़े तीन घंटे में पूरा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट में दस से ज्यादा बड़े ब्रिज, 30 से ज्यादा पुलिया भी बनाई जा रही है। नर्मदा नदी पर एक फोरलेन ब्रिज भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा इंदौर से अेांकारेश्वर तक जाने का सफर भी आसान होगा। मोरटक्का से अेांकारेश्वर तक भी सड़क बनाई जा रही है।
तेजाजी नगर से भंवरकुआ तक के काम में देरी
तेजाजी नगर से भंवरकुआ तक का काम भी चल रहा है। फिलहाल तेजाजी नगर से तलाई नाका तक का काम चल रहा है। इस कारण यहां ट्रैफिक जाम होता है। भंवरकुआ से आईटी चौराहा तक का काम हो चुका है।