इंदौर-देवास रोड पर चक्काजाम के कारण हुई मौत का मामला गरमाया हुआ है। अब एक युवक की मौत जाम की आशंका के चलते लंबा रास्ता तय करने के कारण हुई है। युवक को उल्टी-दस्त हो रहे थे। अस्पताल ले जाते समय जाम में फंसने से बचने के लिए वे शिप्रा से सांवेर रोड की तरफ होते हुए मांगलियां पहुंचे, लेकिन देरी की वजह से उसकी मौत हो गई।
युवक का नाम धीरज पिता गणेश चौधरी है। परिजनों ने बताया कि धीरज को उल्टी-दस्त हो रहे थे। रात को जब तबीयत ज्यादा खराब हुई तो हम उसे कार से सिंगापुर टाउनशिप के रास्ते अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए, लेकिन जाम की आशंका के चलते परिजनों ने कार मोड़ ली और सांवेर वाली सड़क से होते हुए मांगलिया के लिए रवाना हुए।वहां उसे निजी अस्पताल ले गए। डाक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी, लेकिन एबी रोड पर जाम की आशंका के चलते परिजन उसे इंदौर के बजाए देवास के अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए।
धीरज को शिप्रा के आगे योगीराज अस्पताल ले जाया गया,लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पुलिस ने पोस्मार्टम भी कराया है। उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। धीरज एक कंपनी में काम करता था। परिवार में पत्नी और एक बेटी है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल ले जाते समय देरी हुई। यदि समय पर उपचार मिलता तो हो सकता था उसकी जान बच जाती। सिंगापुर टाउनशिप वाले मार्ग पर आए दिन जाम लगता है। इसको लेकर रहवासियों ने एक दिन पहले प्रदर्शन भी किया था।