इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे छात्र और अतिथि।
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अंतरराष्ट्रीय ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी दिवस पर शहर के मेडिकल कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित किए गए। ओरल सर्जरी के साथ ओरल कैंसर जैसे विभिन्न विषयों के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों द्वारा कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
इसमें छात्रों ने बताया कि पान मसाला खाने अथवा अन्य कारणों से जिन लोगों का मुंह खुलना बंद हो जाता है, उनके लिए यह सर्जरी कारगर साबित होगी। इस तकनीक से चिकित्सकों एवं छात्रों को अवगत कराया गया। ओरल कैंसर के बारे में छात्रों ने अपने पोस्टर और वीडियो के जरिए सार्थक संदेश भी दिए। डिपार्टमेंट आफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी की विभागाध्यक्ष डॅा. ममता सिंह ने कहा कि मैक्सिलोफेशियल सर्जरी शरीर के एक बहुत ही जटिल क्षेत्र से संबंधित है और इसमें बीमारियों, चोटों, विकृतियों का इलाज और मुंह, जबड़े का पुनर्निर्माण शामिल है। यह दंत चिकित्सा और चिकित्सा सर्जरी को जोड़ने वाली एक अनूठी विशेषता है।
बता दें कि ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जन दिवस (13 फरवरी) भारत के पहले ओरल सर्जन डॉ. सोराबजी गिनवाला का जन्मदिन मनाता है। इस दिवस के जरिए नए छात्रों को ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इसमें छात्रों द्वारा बनाए गए वीडियो और फिल्म को पुरस्कार भी दिए।