मप्र में स्टार्टअप हब बन चुका इंदौर अब मध्यभारत के लिए भी स्टार्टअप का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है। मप्र के आसपास के प्रदेशों से भी यंगस्टर्स स्टार्टअप के लिए इंदौर का चयन करने लगे हैं। अमर उजाला ने शहर के विशेषज्ञों से बात की और जाना कि वे क्या कारण हैं जिनकी वजह से इंदौर मध्यभारत में स्टार्टअप का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है...
आईटी सिटी के बाद पकड़ी क्लस्टर डवलपमेंट की राह
इन्वेस्ट इंदौर के सचिव सावन लड्ढा कहते हैं कि इंदौर में आईटी पार्क बनने के बाद से दुनियाभर की कंपनियों ने इंदौर का रुख किया। अब यहां पर टीसीएस, इंफोसिस जैसी देश की नामी कंपनियों के साथ कई अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनियां भी आ चुकी हैं। दूसरे आईटी पार्क की तैयारी के साथ ही यहां पर क्लस्टर डवलपमेंट तेज हो रहे हैं जिससे सभी सेग्मेंट के स्टार्टअप आने में रुचि ले रहे हैं। खिलौना क्लस्टर, फर्नीचर क्लस्टर, नमकीन क्लस्टर ने कई युवाओं को स्टार्टअप के लिए प्रेरित किया है।
गल्र्स स्टार्टअप में हमने मिसाल कायम की
वुमन एन्टरप्रेन्योर सलोनी सेठी बियोंड स्त्री की फाउंडर मेंबर हैं। इसमें इंदौर के सौ प्रमुख वुमन स्टार्टअप सदस्य हैं। सलोनी बताती हैं कि प्रदेश के २५९७ स्टार्टअप में से ११४३ स्टार्टअप को महिलाएं संभाल रही हैं। इंदौर में वुमन स्टार्टअप तेजी से बढऩे का सबसे प्रमुख कारण है यहां का माहौल। किसी भी महिला के काम करने के लिए इंदौर सबसे बेहतर शहर है। यहां पर अपराध बहुत कम हैं और सांस्कृतिक, पारिवारिक और रूप से भी यह शहर महिलाओं को बेहतर माहौल प्रदान करता है।
इंदौर में सबसे बेहतर सपोर्ट सिस्टम
अटल इन्क्यूबेशन सेंटर के सीईओ संजीव पाटनी ने बताया कि दूसरे प्रदेशों के यंगस्टर्स के लिए इंदौर में यह सभी बातें बहुत मायने रखती हैं इसलिए वे यहां आना पसंद कर रहे हैं।
1. यहां का इको सिस्टम सबसे बेहतर है। उन्हें यहां पर अनुभवी लोगों का जो सपोर्ट मिल रहा है वह उन्हें तेजी से आगे बढ़ाता है।
2. सपोर्ट देने के लिए सरकार ने तीन इन्क्यूबेशन सेंटर बनाए हैं। जीएसआईटीएस, स्मार्टसिटी और प्रेस्टीज में इन्हें बनाया गया है।
3. इंदौर में स्वच्छता के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, अच्छा खानपान और माहौल है। यह सब बातें युवाओं को इंदौर में आने के लिए प्रेरित करती हैं।
4. देश के अन्य मेट्रो शहरों के मुताबिक इंदौर में रहना बहुत सस्ता और सुलभ है। यहां पर फ्लैट और खुद के मकान कम दरों में बेहतर मिल जाते हैं।
5. शहर की सीमा छोटी होने की वजह से पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी आसानी से मिल जाता है और ऑफिस आने जाने में लगने वाला समय भी अन्य शहरों की तुलना में बहुत कम होता है।
कुछ नंबर आंकड़े
1500 करोड़ रुपए की फंडिंग दी गई इंदौर के स्टार्टअप को साल 2021-22 में
2021-22 में इंदौर का एक स्टार्टअप यूनिकॉर्न बना। यह 10 हजार करोड़ से अधिक की कंपनी है।