ईद के मौके पर इंदौर के सदर बाजार ईदगाह मैदान में मुख्य नमाज अदा की गई। यहां शहर काजी डाॅ. इशरत अली ने वक्फ बोर्ड की जमीनों का मुद्दा छेड़ा और कहा कि 'वक्फ की बेशकीमती जायदाद पर सियासत की निगाह आ गई है। मौत और जिंदगी इंसान के हाथ में नहीं है, लेकिन इस मस्जिद में वादा करता हूं कि ताउम्र इस वक्फ की जायदाद की रक्षा करना आप लोगों को जिम्मेदारी है। यह गलत लोगों के हाथों में नहीं जाना चाहिए।'
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उनकी यह बात सुनकर नमाज पढ़ने आए समाजजनों ने हाथ उठाकर सहमति दी। इसके बाद शहरकाजी ने कहा कि इंदौर में एक अविवादित जमीन है, लेकिन उस पर कब्जे हो गए हैं, काॅलोनियां कट गई हैं। ज्यादातर वक्फ की जमीनों के यही हाल हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि ईदगाह मैदान की भी सुरक्षा की जाए। उसके लिए जो निर्माण होना है। वह समाजजन सीमेंट, ईंट व निर्माण सामग्री के रूप में दें, नकद की शक्ल में न दें, क्योंकि कई सालों से यहां नकद चंदा नहीं हुआ है।
काली पट्टी बांध कर पहुंचे मैदान
ईद पर ईदगाह मैदान में नमाज अदा करने के लिए कुछ लोग बाजू पर काली पट्टी बांधकर भी पहुंचे। केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर कुछ लोग नाराज हैं और वे इसका विरोध काली पट्टी बांध कर जता रहे हैं।