इंदौर में इन दिनों दीपावली के बाद से हल्की ठंड का अनुभव किया जा रहा है। रात के समय ठंडक बढ़ने लगी है और लोग मौसम में आए इस बदलाव को महसूस कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से दीपावली के आसपास ठंड का असर दिखाई देने लगा है, हालांकि पहले के मुकाबले इंदौर में नवंबर का महीना अब उतना ठंडा नहीं रह गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 86 साल पहले यानी 1938 में इंदौर का नवंबर महीने का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जो कि अब तक का नवंबर माह में सबसे कम दर्ज किया गया तापमान है। लेकिन पिछले 10 सालों में इंदौर का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा है।
बदल रही जलवायु
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव की एक बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन है, जिसने पूरे देश में ही मौसम के पैटर्न को बदल दिया है। पहले नवंबर आते-आते इंदौर में कड़ाके की ठंड शुरू हो जाती थी परंतु अब तापमान सामान्य से ऊपर ही बना रहता है। 2014 के बाद से, नवंबर के महीने में इंदौर का न्यूनतम तापमान कभी 10 डिग्री से नीचे नहीं गया है। ऐसे में ठंड का स्तर अब सामान्य से थोड़ा अधिक ही रहता है, हालांकि रात के समय कुछ ठंडक महसूस होती है। इस साल भी ठंड का असर दीपावली के समय से ही महसूस किया जाने लगा है, विशेषकर देर रात और सुबह के समय ठंडक अधिक होती है।
दिन में अधिक रहता है तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर में दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाओं की जगह उत्तरी हवाएं चलने लगती हैं। ये हवाएं हिमालय की बर्फीली पहाड़ियों से होकर आती हैं, जिससे इनमें प्राकृतिक रूप से ठंडक होती है। इन हवाओं के प्रभाव से दिन के तापमान में तो ज्यादा बदलाव नहीं होता, लेकिन रात के तापमान में गिरावट आ जाती है। यह ठंडक मुख्यतः उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हवाओं के कारण होती है, जो हवा के दबाव के परिवर्तन और मौसम के बदलावों से जुड़ी होती है। इससे इंदौर में नवंबर के महीने में रात में ठंडक बढ़ जाती है, जबकि दिन में तापमान अधिक रहता है।
अभी सामान्य से अधिक तापमान
इंदौर में नवंबर के महीने में औसतन अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस रहता है। बुधवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था, वहीं न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा था। इस दौरान उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हवाएं भी चलीं, जिनकी गति अधिकतम 10 किलोमीटर प्रति घंटा रही। यह ठंडक उत्तरी हवाओं के कारण उत्पन्न होती है, जिनसे रात में तापमान में गिरावट देखने को मिलती है।
बारिश, गर्मी और कोहरा भी आते हैं नवंबर में
इंदौर के मौसम में नवंबर के महीने में ठंड के साथ-साथ कई बार बारिश, गर्मी और कोहरा भी देखने को मिलता है। यह खासतौर पर पश्चिमी विक्षोभों के कारण होता है, जो उत्तर भारत की ओर से आकर इंदौर के मौसम को प्रभावित करते हैं। 1938 में 25 नवंबर को इंदौर में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब तक का नवंबर माह में सबसे कम तापमान है। इसके अलावा, इंदौर में नवंबर के महीने में झुलसाने वाली गर्मी भी देखी गई है। 98 साल पहले, 1925 में 5 नवंबर को इंदौर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो नवंबर के महीने का सबसे अधिक तापमान है। इसके साथ ही, इंदौर में नवंबर के महीने में बारिश भी देखने को मिलती है। 2019 में इस महीने में 2.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, जो पिछले 10 सालों की सबसे अधिक बारिश है। नवंबर 1946 में 8.6 इंच से अधिक बारिश हुई थी, जो कि इतिहास में दर्ज नवंबर महीने की सबसे अधिक बारिश है। हालांकि, नवंबर के महीने में औसतन वर्षा का स्तर 11 मिलीमीटर ही होता है। नवंबर में तापमान और मौसम का यह असंतुलन पश्चिमी विक्षोभों के कारण होता है, जो उत्तर भारत में स्थित हिमालय से आकर इन इलाकों में ठंडक, कोहरा, बारिश, और कभी-कभी हल्की गर्मी भी लाते हैं। यह बदलाव कभी-कभी तेज बौछारों के रूप में होता है और सुबह के वक्त कोहरा भी देखने को मिलता है।
कई मौसम एक साथ दिखाता है नवंबर
पिछले 10 सालों में नवंबर का सबसे ठंडा साल 2017 रहा। उस साल 27 नवंबर को इंदौर का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया था, जो पिछले 10 सालों का सबसे कम तापमान है। इसके विपरीत, अधिकतम तापमान की बात करें तो 16 नवंबर 2015 को इंदौर का तापमान 34 डिग्री तक पहुंच गया था, जो पिछले 10 सालों में नवंबर का सबसे अधिक तापमान था। नवंबर के महीने में मौसम की यह विविधता इंदौर के मौसम का एक अनोखा पहलू है जहां ठंड, गर्मी, बारिश और कोहरे का संगम देखने को मिलता है।