इंदौर की लंदन विलाज टाउनशिप में हुई डकैती के मामले मेें पुलिस की लापरवाही सामने आई है। मंगलवार को आरोपी का रिमांड पूरा होने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। दो आरक्षक आरोपी सोमला को हथकडि़यों मेें कोर्ट ले गए। आरोपी के वकील ने कोर्ट को कहा कि पुलिस जिसे आरोपी बता रही है। वह बीमार है और घटना के समय अस्पताल में भर्ती थी।
पुलिस ने मारपीट कर उससे अपराध कबूलवाया। सुनवाई केे दौरान सोमला की शर्ट पर खून के दाग भी थे। जिसे आधार बनाते हुए उसके वकील ने आरोप लगाया कि अपराध कबूलवाने के लिए पुलिस ने उसके साथ मारपीट भी की। आरोपी के साथ मौजूद वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था, जो कोर्ट के समक्ष यह बताता कि डकैती में सोमला गिरोह नेे ही डाली है। सुनवाई में डकैती में जब्त कोई सामान भी पुलिस पेश नहीं कर पाई। इसके बाद कोर्ट ने पहली सुनवाई में ही सोमला को जमानत दे दी।
आलीराजपुर के खेत में गिरफ्तारी होना दिखाया था पुलिस ने
आरोपी सोमला को पुलिस ने पांच दिन पहले आलीराजपुर से गिरफ्तार किया हैै। उसकी गिरफ्तारी पुलिस ने खेत से दर्शाई थी। बाद में उसे मनावर थाने में पूछताछ के लिए रखा गया था। पुलिस ने आरोपी से फरियादी के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त करने की बात भी कही थी।विशेेषज्ञों ने भी फुटेज में सोमला की आवाज बताई थी।
सीसीटीवी फुटेज का चेहरा मेल खा रहा था आरोपी के साथ
डकैती के दौरान आरोपियों के चेहरे और बातचीत कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस ने उस आधार पर सोमला गिरोह पर शंका जताई थी और चार टीमों ने आलीराजपुर, झाबुआ सहित अन्य स्थानों पर खोजबीन शुरू की थी। बाद में सोमला को गिरफ्तार किया, लेकिन वह डकैती में शामिल नहीं होने का जिक्र बार-बार कर रहा था। उधर इस मामले में पुलिस आयुक्त राकेश गुप्ता ने डीसीपी पंकज पांडे से प्रतिवेदन मांगा हैै। उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया है। लापरवाही के मामले में दोषी अफसरों के खिलाफ एक्शन भी लिया जा सकता है।