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Indore News: दवा व्यापारी को बैडमिंटन खेलते वक्त आया हार्ट अटैक, परिवार ने आंखें और त्वचा दान की

Wed, 05 Feb 2025 04:34 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर

सार

Indore News: इंदौर में बैडमिंटन खेलते समय 45 वर्षीय दवा व्यापारी अमित चेलावत को दिल का दौरा पड़ा,  सीपीआर देने के बावजूद उनकी हालत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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परिवार के साथ अमित - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर में एक दुखद घटना सामने आई जब 45 वर्षीय दवा व्यापारी अमित चेलावत की बैडमिंटन खेलते समय अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह हादसा बुधवार सुबह अभय प्रशाल में हुआ, जब वे रोज की तरह खेल रहे थे। खेल के दो राउंड पूरे हो चुके थे कि अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वे एक ओर जाकर बैठ गए। साथियों ने तुरंत उनकी स्थिति को भांपते हुए सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की, जिससे वे कुछ देर के लिए होश में आ गए। इस दौरान उन्हें तुरंत सॉर्बिट्रेट टैबलेट देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया।

धार्मिक आस्था से दवा नहीं ली

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अमित चेलावत जैन धर्म के अनुयायी थे और नवकारसी परंपरा का पालन करते थे, जिसके अनुसार सुबह 8 बजे से पहले कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता। धार्मिक आस्था के कारण उन्होंने दवा लेने से मना कर दिया और जब साथियों ने जबरदस्ती दवाई देने की कोशिश की तो उन्होंने इसे दो बार मुंह से बाहर निकाल दिया। इसी बीच उन्हें दूसरा दिल का दौरा पड़ा, जिससे वे बेहोश हो गए। साथियों ने तत्काल उन्हें पास के निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमित चेलावत के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी आचमी अमेरिका में 5 साल के इंटीग्रेटेड कोर्स के फाइनल ईयर में पढ़ रही है, जबकि छोटी बेटी मान्या 11वीं कक्षा की छात्रा है। अमित न केवल दवा व्यवसाय से जुड़े थे, बल्कि शेयर ब्रोकिंग का भी काम करते थे और उनका ऑफिस रैफिल टावर में स्थित था।

राहुल द्रविड़ के दोस्त हैं बड़े भाई
उनके बड़े भाई अतुल चेलावत ‘मनोहर केमिस्ट’ नाम से मेडिकल स्टोर चलाते हैं। परिवार से जुड़े एक और रोचक तथ्य यह है कि उनके भाई भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी राहुल द्रविड़ के दोस्त हैं। अमित के पिता का पांच साल पहले कोरोना महामारी के दौरान निधन हो गया था। अमित की मृत्यु के बाद उनके परिवार ने उनका नेत्र और त्वचा दान कर मानवता की मिसाल पेश की। इस घटना से इंदौर में शोक की लहर है और यह हादसा एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर करता है कि दिल का दौरा किसी भी उम्र में आ सकता है और तुरंत उपचार कितना जरूरी होता है।

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