Indore News: वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ ने इंदौर प्रेस क्लब के मीडिया कॉन्क्लेव में किसानों की आत्महत्या, सरकारी नीतियों की विफलता और समाज में बढ़ रही असमानता पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब किसान मरता है, तो दरअसल इंसानियत मरती है।
देश में किसान आत्महत्या कर रहा है मतलब इंसानियत खत्म होती जा रही है। दुनिया की बड़ी से बड़ी अर्थव्यवस्था का आधार सबसे छोटा किसान होता है। यदि वह संकट में है तो बहुत जल्द वह देश संकट में आ जाएगा। यह बातें वरिष्ठ पत्रकार पी साईनाथ ने इंदौर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित मीडिया कॉन्क्लेव समापन सत्र में कही। स्व. राजेंद्र माथुर स्मृति व्याख्यान सत्र में साईनाथ ने पत्रकारिता, समाज और किसानों से जुड़े पहलुओं को छुआ।
केंद्रीय व्यवस्था गरीब का शोषण करती है
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज केंद्रीय व्यवस्था की तरफ जा रही है। दुनिया में दस से 20 लोगों के पास इस दुनिया की संपत्ति का अधिकांश हिस्सा है और पूरी दुनिया के करोड़ों लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं।
किसान से आज कोई शादी नहीं करता
उन्होंने कहा महाराष्ट्र में हर साल एक से दो लाख शादियां कैंसिल हो जाती हैं क्योंकि किसान पैसा इकट्ठा नहीं कर पाता है। यदि आप किसान हैं तो कोई आपसे शादी नहीं करेगा। भारत में अधिकतर किसान अपनी खेती से जीवन यापन भी नहीं कर पाते हैं। आज सरकारों के द्वारा आंगनबाड़ी जैसी जरूरी सुविधाओं का फंड लाड़ली बहना योजना में दिया जा रहा है। देश की बड़ी कंपनियां आज आंगनबाड़ी को गोद ले रही हैं और सरकार अपनी मूलभूत जिम्मेदारियों से भाग रही है। हम सभी को देश और दुनिया में चल रहे इन बदलावों पर विचार करना चाहिए और सच के लिए आवाज उठाना चाहिए।