इंदौर में इस बार जुलाई की शुरुआत से अब तक बारिश बेहद कम दर्ज की गई है। आधा महीना बीत जाने के बावजूद केवल 21 मिमी यानी लगभग 0.8 इंच ही वर्षा हो पाई है। जबकि आमतौर पर जुलाई माह में इंदौर में औसतन 10 इंच बारिश होती है। लगातार बादलों की आवाजाही होने के बावजूद तेज बारिश नहीं हो रही। इससे शहरवासियों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है और सड़कों पर धूल उड़ रही है।
बादल आते हैं लेकिन बरस नहीं पाते
शहर में रोजाना बादल छा रहे हैं और कभी-कभी हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिलती है, परंतु अधिकांश समय बारिश कुछ ही मिनटों में थम जाती है। बुधवार को शहर के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन एयरपोर्ट क्षेत्र पूरी तरह सूखा ही रहा। लगातार उमस और गर्मी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
मालवा क्षेत्र में मानसून का असर कमजोर
सीनियर मौसम वैज्ञानिक अजय कुमार शुक्ला के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बना मानसून का सिस्टम प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में सक्रिय है लेकिन मालवा क्षेत्र में इसका खास असर नहीं दिखाई दे रहा। यही कारण है कि इंदौर में बारिश रुक-रुक कर हो रही है और वह भी बहुत कम मात्रा में। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में तेज बारिश की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।
पिछले साल की तुलना में हालात बदतर
अगर पिछले वर्षों की बात करें तो जुलाई में कभी-कभी रिकॉर्ड तोड़ बारिश भी हुई है। वर्ष 2013 में 22 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी। वहीं 2023 में जुलाई में कुल 18 इंच बारिश हुई थी और महीने के 27 दिन वर्षा दर्ज की गई थी। पिछले साल जुलाई के 25 दिनों में बारिश हुई, जिनमें से चार दिन आधे से ढाई इंच तक बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन कुल मिलाकर सिर्फ 10 इंच वर्षा हो पाई थी। इस बार स्थिति उससे भी अधिक चिंताजनक होती दिख रही है।