गेर निकलने के बाद सड़के हो गई साफ।
- फोटो : अमर उजाला
इंदौर में गेर में लाखों लोग शामिल हुए। पांच किलोमीटर लंबे गेर रुट मार्ग पर अबीर-गुलाल की गर्त जमी थी। चारों तरफ कचरा था,लेकिन गेर निकलने के डेढ़ घंटे के बाद सड़क पहले जैसी साफ हो गई। तीन सौ सफाईकर्मी, 50 से ज्यादा अफसर और सफाई मेें लगे वाहनों के साथ नगर निगम का टीम वर्क एक बार फिर नजर आया। मार्गों से गुलाल उठाकर उन्हें धोया गया। एक बार फिर नगर निगम ने साबित कर दिया कि वह सफाई में देश में नंबर वन है।
गेर के कारण राजवाड़ा, खजूरी बाजार, गोराकुंड चौराहा, मल्हारगंज, एमजी रोड, सराफा तक सड़क पर गुलाल, रामरज, मिसाइलों द्वारा उड़ाई गई पेपर की कतरनें बिखरी पड़ी थी। सैकड़ों जूते-चप्पल भी सड़क पर फैले हुए थे।
सजृन संस्था की गेर आखरी थी। दोपहर ढाई बजे जैसे ही गेर ने राजवाड़ा की परिक्रमा की। नगर निगम की टीम राजवाड़ा पर सक्रिय हो गई। पहले चार जेसीबी की मदद से सड़कों पर बिखरे गुलाल को एकत्र किया गया। फिर उसे मशीन से उठाकर साफ किया गया। 23 सफाई मशीन, चार जेसीबी, 300 सफाईकर्मियों और 50 अफसरों ने सफाई व्यवस्था को संभाला और देखते ही देखते सड़क साफ होने लगी।
लगा ही नहीं कि कुछ समय पहले राजवाड़ा पर लाखों लोगों की भीड़ जुटी होगी। सड़कों से कचरा उठने के बाद पानी के प्रेशर से राजवाड़ा और उसके आसपास की सड़क भी साफ की गई। निगम के अधीक्षण यंत्री महेश शर्मा ने बताया गेर निकलने के बाद हर साल नगर निगम एक से डेढ़ घंटे के भीतर सफाई अभियान चलाता है। इस बार भी नगर निगम की टीम ने कम समय में सड़कें साफ कर दी।