इंदौर में नई आईटी कंपनियां खुलेगी।
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इंदौर के परदेशीपुरा रेडिमेड-इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में बन रहे नए आईटी पार्क में एमपीआईडीसी (मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम) अक्टूबर माह से आईटी कंपनियों को उनके प्रोजेक्ट या ऑफिस के लिए जगह आवंटित करना शुरू कर देगा। इस सुविधा से आईटी कंपनियां आवंटित जमीन पर अपनी सुविधा और डिजाइन के अनुसार स्ट्रक्चर तैयार कर सकेंगी। एमपीआईडीसी के ईडी हिमांशु प्रजापति ने इस सप्ताह परदेशीपुरा का दौरा कर आईटी पार्क और प्लग-एन-प्ले रेडिमेड गारमेंट्स पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 तक इस आईटी पार्क का निर्माण पूरा हो जाएगा, और कंपनियां नए साल तक यहां अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकेंगी।
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तकनीकी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा
इंदौर में एमपीआईडीसी द्वारा दो नए आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। इनमें से एक है क्रिस्टल और अतुल्य आईटी पार्क, जो खण्डवा रोड पर स्थित है और इसे आईटी पार्क-3 नाम दिया गया है। वहीं, परदेशीपुरा के रेडिमेड इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में जो नया आईटी पार्क बनाया जा रहा है, उसे आईटी पार्क-4 नाम दिया गया है। इस नामकरण के पीछे यह कारण है कि यह शहर में विकसित हो रहे आईटी हब का चौथा प्रमुख प्रोजेक्ट है, जो तकनीकी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा।
600 करोड़ रुपए के निवेश से होगा आईटी पार्क-4 का निर्माण
आईटी पार्क-4 की कुल लागत लगभग 46 करोड़ 74 लाख रुपए है, जो 0.37 हेक्टेयर जमीन पर फैला है। इस पार्क का निर्माण 15,471 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जा रहा है। एमपीआईडीसी के अनुसार, इस परियोजना में कुल 600 करोड़ रुपए का निवेश होगा। यह निवेश न केवल आईटी सेक्टर को सशक्त करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी मजबूती लाएगा।
1500 युवाओं को मिलेगा रोजगार
नए आईटी पार्क-4 में करीब 1500 युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। एमपीआईडीसी का लक्ष्य है कि इस पार्क के माध्यम से युवाओं को उच्च तकनीकी क्षेत्र में रोजगार मिले और शहर में आईटी सेक्टर का विकास हो। इस प्रकार, परदेशीपुरा में यह आईटी पार्क न केवल औद्योगिक विकास में सहायक होगा, बल्कि रोजगार सृजन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।