फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: नीट यूजी रिजल्ट पर हाईकोर्ट की रोक, बारिश से बिगड़ गई थी कई छात्रों की परीक्षा

Fri, 16 May 2025 01:16 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: नीट यूजी की परीक्षा के दौरान इंदौर के 11 सेंटरों में बिजली गुल होने से सैकड़ों छात्र अंधेरे में पेपर देने को मजबूर हो गए। कोर्ट ने NTA, बिजली कंपनी और परीक्षा केंद्रों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई 30 जून को होगी।
विज्ञापन
नीट परीक्षा देने के लिए पहुंचे छात्र - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर में नीट यूजी परीक्षा के दौरान अचानक बदले मौसम ने हजारों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए। 4 मई को हुई इस परीक्षा के दौरान कई इलाकों में तेज हवा और बारिश के कारण बिजली गुल हो गई थी, जिससे कई छात्र पेपर तक नहीं पढ़ पाए। बिजली संकट के चलते परीक्षार्थियों की एकाग्रता भंग हो गई और उनका पेपर पूरी तरह से प्रभावित हुआ। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते अब मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच तक पहुंच गया है। कोर्ट ने इस मामले में यूजी के अंतरिम परिणाम पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन


कोर्ट का सख्त रुख, जब तक अंतिम फैसला न हो रिजल्ट न जारी करें
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि एनटीए, बिजली कंपनी और परीक्षा केंद्रों से इस समस्या पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी वजह से अदालत ने नीट यूजी के रिजल्ट पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक परीक्षा परिणाम घोषित न किया जाए। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), बिजली वितरण कंपनी और संबंधित परीक्षा केंद्रों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सभी पक्षों को 30 जून तक जवाब प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।

11 परीक्षा केंद्रों की बिजली गुल, छात्रों ने दी परीक्षा मोमबत्ती और टॉर्च से
इंदौर में कुल 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां करीब 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। अचानक आए तूफान और बारिश से लगभग 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी ने शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और वहां अंधेरा छा गया। ऐसे में कुछ छात्रों को मोमबत्ती और मोबाइल की टॉर्च जलाकर पेपर देना पड़ा। कई छात्र प्रश्न पत्र तक नहीं पढ़ पाए और परीक्षा के बाद रोते हुए बाहर निकले। इन 11 केंद्रों पर करीब 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हुई। इस बार पहली बार था जब एनटीए ने कुछ सरकारी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया, जहां पावर बैकअप की कोई व्यवस्था नहीं थी।
विज्ञापन


ऐसे मामलों में दोबारा परीक्षा की मिसालें पहले भी मौजूद
शैक्षणिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की समस्याएं पहली बार नहीं आई हैं। 2016 में ओडिशा में आए चक्रवात के दौरान एनटीए ने वहां प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराई थी। वर्ष 2022 में भी नियमों की गड़बड़ी के चलते होशंगाबाद सहित कुछ केंद्रों पर पुनः परीक्षा आयोजित की गई थी। इसी तरह की घटनाओं से यह संकेत मिलता है कि प्रभावित छात्रों को दोबारा परीक्षा का अवसर दिया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि वे इस परीक्षा के लिए पूरी मेहनत से तैयार थे, लेकिन खराब व्यवस्थाओं ने उनका भविष्य अधर में लटका दिया है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट के अंतिम फैसले और एनटीए की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें