Indore News: इंदौर नगर निगम ने बारिश के मौसम में संभावित हादसों को रोकने के लिए संजय सेतु ब्रिज के पास जीवन रेखा मार्ग स्थित खतरनाक मकानों पर बड़ा रिमूवल अभियान चलाया।
इंदौर नगर निगम ने वर्षा ऋतु के दौरान शहर के जर्जर और अस्थिर भवनों के विरुद्ध अपना अभियान तीव्र कर दिया है। शनिवार को निगम प्रशासन द्वारा संजय सेतु ब्रिज के निकट स्थित जीवन रेखा मार्ग पर बने संकटग्रस्त मकानों पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया संचालित की गई। नगर निगम द्वारा इस क्षेत्र में कुल 8 मकानों को संवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किया गया था। सुरक्षा तंत्र को ध्यान में रखते हुए इनमें से 7 को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, जबकि एक मकान को खाली कराकर सुरक्षित किया गया। इन निर्मित ढांचों के नीचे की भूमि लगातार खिसक रही थी, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी।
भारी मशीनों के बीच पुलिस बल मौजूद रहा
प्रशासनिक अमला पूरी तैयारी के साथ स्थल पर पहुंचा। कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनों का उपयोग किया गया। पूरे अभियान के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसके साये में ही रिमूवल की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
मानसून में सुरक्षा को लेकर सर्वे जारी
भवन अधिकारी सत्येंद्र सिंह राजपूत के अनुसार नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के दिशा-निर्देशों पर संपूर्ण शहर में ऐसे भवनों का व्यापक सर्वेक्षण किया जा रहा है, जो मानसून के समय असुरक्षित हैं या जिनके धराशायी होने का जोखिम है। इसी कड़ी में जीवन रेखा मार्ग के 8 मकानों की पहचान की गई थी। भू-धंसाव के कारण इन मकानों के गिरने का सीधा खतरा उत्पन्न हो गया था। इसी को देखते हुए सात भवनों को जमींदोज किया गया और आंतरिक भाग में स्थित एक मकान को खाली कराया गया। इस मामले में उन्होंने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे भी ऐसे जोखिम भरे निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।