सैंपल कलेक्ट करते खाद्य विभाग के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
खानपान के लिए मशहूर इंदौर में इन दिनों मोमोज का भी काफी ट्रेंड चल रहा है। युवा, बुजुर्ग हों या फिर बच्चे। हर उम्र के लोगों में मोमोज के लिए दीवानगी देखी जा रही है। मोमोज जितने लोकप्रिय हो रहे हैं उतनी ही इसकी शिकायतें भी आती हैं। न्यूट्रीशन एक्सपर्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस पर कई बार सवाल उठा चुके हैं। हाल ही में इंदौर में एक मामला सामने आया है जिसमें ग्राहक ने मोमोज खाने पर तबियत बिगड़ने की शिकायत की।
क्या है मामला
विवेक महसकर इंदौर के ट्रेजर आइलैंड स्थित बार्बी क्यू रेस्टोरेंट में परिवार के साथ पहुंचे। यहां पर उन्होंने खाने में मोमोज का आर्डर दिया। मोमोज खाने के बाद विवेक की तबियत बिगड़ गई। तबियत खराब होने पर उन्होंने ग्राहक पंचायत के विधि प्रमुख सुहास पुंडलिक को शिकायत की। इसके बाद सुहास पुंडलिक और प्रशांत जैन वहां पहुंचे और खाद्य विभाग की टीम को बुलाया। टीम ने सैंपल लिए और जांच के लिए तुरंत लैब में भेजे।
कच्चे और बासी थे मोमोज
विवेक ने शिकायत की कि दिए गए मोमोज बासी और कच्चे थे। खाद्य विभाग ने विवेक की शिकायत को संज्ञान में ले लिया है और लैब की रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के मनोज पंवार ने बताया कि खानपान में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी पर खाद्य विभाग में तुरंत शिकायत करें अथवा ग्राहक पंचायत से संपर्क करें। यदि लोग सिर्फ दुकान पर शिकायत करके टाल जाएंगे तो दुकानदार खराब भोजन ही देते रहेंगे। इसलिए जागरूक होना बहुत जरूरी है।