व्यापारियों ने रातभर प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
इंदौर के प्रसिद्ध सराफा चौपाटी को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर ने स्पष्ट किया है कि सराफा में अब मोमोज और चाइनीज फूड की दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की चाइनीज या मोमोज की दुकानें लग भी गई हैं, उन्हें बंद कराया जाएगा। इन दुकानदारों को चौपाटी पर दूसरी पारंपरिक वस्तुओं की दुकान लगाने की सलाह दी जाएगी, अन्यथा उनकी दुकानें पूरी तरह हटा दी जाएंगी।
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सुरक्षा और पुराने वैभव को बनाए रखना प्राथमिकता
महापौर ने बताया कि सराफा में सुरक्षा बेहद जरूरी है और इसकी मांग सोना-चांदी व्यापारी एसोसिएशन ने भी की थी। निगम उसी दिशा में काम कर रहा है ताकि पुरानी चौपाटी का पारंपरिक वैभव और गरिमा बनी रहे। महापौर ने बार-बार आग्रह के बाद भी दो टूक जवाब दिया कि अब सराफा में अव्यवस्थित दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी।
दुकानों की सूची में गड़बड़ी की होगी जांच
कार्रवाई के दौरान कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि निगम की सूची में गड़बड़ी है और एक ही व्यापारी के पास चार से पांच दुकानें हैं, जबकि कई पात्र लोगों के नाम सूची से गायब हैं। इस पर महापौर ने आश्वासन दिया कि वह सूची की दोबारा जांच करवाएंगे। अगर किसी के पास एक से अधिक दुकानें पाई जाती हैं, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
पूरी रात धरने पर बैठे रहे दुकानदार
नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ चौपाटी के गुस्साए दुकानदारों ने जमकर हंगामा किया। जिनका नाम सूची में नहीं था, उन्हें चौपाटी में प्रवेश नहीं दिया गया। इससे नाराज दुकानदार पहले सराफा थाने पहुंचे और फिर देर रात महापौर के बंगले पर गए। महापौर से मुलाकात नहीं होने पर वे वापस कृष्णपुरा छत्री लौट आए और वहां अलाव जलाकर रातभर बैठे रहे। हटाए गए दुकानदारों ने वहीं खाना मंगवाया और आगे की लड़ाई के लिए रणनीति तैयार की। मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।