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Exclusive: सिस्टम की मार- ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भूखे प्यासे घंटों खड़े रहे लोग, नहीं बन पाए

Thu, 12 Dec 2024 08:45 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और दिव्यांग भी शिविर में पहुंचे, तीन से चार घंटे परेशान होने के बाद सभी को वापस लौटना पड़ा। 
 
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आवेदक घंटों परेशान होते रहे, आरटीओ अधिकारी भी परेशान दिखे। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत इंदौर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का शिविर लगाया। इसमें छात्राओं के लिए निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस बनना थे। सैकड़ों की संख्या में छात्र छात्राएं और अन्य आवेदक सुबह से ही नंदा नगर स्थित आईटीआई परिसर पहुंचने लगे। सुबह 10.30 बजे से आयोजित इस शिविर में लाइन लगाने के लिए आवेदक सुबह 9 बजे से आ गए थे। 11 बजे के लगभग जब लाइसेंस बनना शुरू हुए तो सर्वर डाउन हो गया। लोग दो से तीन घंटे तक खड़े रहे लेकिन फिर निराश होकर उन्हें वापस जाना पड़ा। शिविर में छात्राओं के निःशुल्क लाइसेंस बनना थे। 
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दफ्तर का अवकाश लेकर आए, परेशान होते रहे
साफ्टवेयर इंजीनियर आनंद पटेल ने बताया कि वे सुबह 10 बजे अपने बेटे के साथ लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंच गए थे। लगभग 2 बजे उन्हें बताया गया कि लाइसेंस नहीं बन पाएंगे सर्वर नहीं चल रहा है। उन्होंने बताया कि वे दफ्तर का अवकाश लेकर वहां पर गए थे और दिनभर खड़े रहने के बाद भी बेटे का लाइसेंस नहीं बन पाया। सुबह से वे भूखे प्यासे कई घंटों तक इंतजार करते रहे लेकिन अंत में उन्हें बिना काम हुए ही वापस आना पड़ा। 

कुछ छात्राओं के लाइसेंस बने, छात्रों के तो बन ही नहीं पाए
अमर उजाला को जब घटनाक्रम की जानकारी मिली तो मौके पर जाकर छात्रों से बातचीत की। छात्रों ने बताया कि शुरू में कुछ छात्राओं के लाइसेंस बने लेकिन छात्रों के तो लाइसेंस सुबह से ही नहीं बन रहे हैं। छात्राओं के निःशुल्क लाइसेंस बनना थे जिस वजह से उन्हें पेमेंट नहीं करना था। इसलिए सर्वर में दिक्कत नहीं आई। छात्रों को पेमेंट करना था इस वजह से वे पेमेंट नहीं कर पाए और लाइसेंस नहीं बन पाए। 
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स्टाफ की कमी भी दिखी
मौके पर मौजूद भीड़ को देखते हुए स्टाफ भी कम रहा। आरटीओ की तरफ से भेजे गए अधिकारी जनता की तुलना में बहुत कम थे। एक एक अधिकारी सौ से दो सौ लोगों को जानकारी दे रहा था। यदि व्यवस्थित टेबलें लगी होती अधिक अधिकारी होते तो छात्राओं के लाइसेंस आसानी से बन जाते। उन्हें सिर्फ मार्गदर्शन देते रहते तो भी लोग परेशान न होते। छात्राओं के लाइसेंस बनने में सर्वर में दिक्कत नहीं आ रही थी। 

आपसे जानकारी मिली, हम दोबारा शिविर लगवा देंगे 
आरटीओ प्रदीप मिश्रा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि मुझे आपसे ही इस विषय की जानकारी मिली है। सर्वर डाउन होने से वहां पर लोगों को बहुत परेशानी हुई इसलिए हम जल्द ही अन्य क्षेत्रों में शिविर लगाएंगे ताकि लोगों के लर्निंग लाइसेंस जल्द से जल्द बन सकें। वहां पर भी दोबारा शिविर लगाएंगे ताकि लोग परेशान न हों। 
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