सच्ची घटना पर आधारित फिल्म 12 वीं फेल के असली हीरो आईपीएस मनोज कुमार शर्मा रविवार को इंदौर में लिट चौक सीजन-3 में शामिल हुए। तीसरे सत्र में हुई चर्चा के दौरान उन्होंने जीवन के संघर्ष, पीएससी परीक्षा, प्रेम विवाह सहित कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाज ने विवाह की व्यवस्था बनाई है। यह जुआ जैसा है।
कई बार जीवनसाथी अच्छा मिल जाता है, लेकिन कभी किस्मत साथ नहीं देती। इंसान का सबसे बड़ा फैसला शादी है। यदि वह गलत हो जाए तो जीवन बर्बाद समझो। शर्मा कहते है कि आकर्षण से उपजा प्रेम ज्यादा दिन तक नहीं चलता, इसलिए प्रेम विवाह भी आंखें खोल कर करें।
यदि हम एक दूसरे को सम्मान नहीं दे सकते तो वहां प्रेम नहीं रहता है। मनोज कुमार की पत्नी श्रद्धा भी साथ आई थीं। उन्होंने बताया कि हम पहले दोस्त हैं। फिर दूसरे रिश्ते आते हैं। हम एक दूसरे से सारी बातें शेयर करते है। खूब बातें करते हैं।
योग्यता के साथ न्याय करना चाहिए
आईपीएस शर्मा ने पीएससी की तैयारियों से जुड़े सवाल पर कहा कि जो बच्चे छोटे शहरों से आते हैं, वे तैैयारियों के दौरान अभावों से जूझते हैं, लेकिन उन्हें उनकी जिद ही आगे ले जाती है। खुद को साबित करने के प्रयास कभी छोड़ना नहीं चाहिए। जो योग्यता खुद में है, उसके साथ न्याय करना चाहिए।
अनुराग पाठक ने लिखी किताब
12 वीं फेल किताब के लेखक अनुराग पाठक ने कहा कि मैं मनोज के जीवन से प्रभावित था। 2001 में मैंने उनके संघर्ष पर दो-चार पेज लिखे थे। बाद में वे आईपीएस बन गए। फिर मैंने उनके जीवन पर किताब लिखी।