इंदौर लोकसभा चुनाव का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच चुका है। कांग्रेस नेता मोती सिंह पटेल ने कांग्रेस के डमी उम्मीदवार थे। उन्होंने इंदौर हाईकोर्ट की सिंगल बैंच के फैसले को खंडपीठ में चुनौती दी है।
अब इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई होगी। पटेल ने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर चुनाव चिन्ह आवंटित करने की मांग की थी,लेकिन कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा था कि पटेल का नामांकन फार्म स्क्रूटनी के समय ही निरस्त हो चुका है। अब पटेल डबल बैंच मेें अपना पक्ष रखकर कांग्रेस का चुनाव चिन्ह आवंटित करने की मांग करेंगे।
निरस्त होने के बाद नहीं ली थी आपत्ति
पटेल ने कांग्रेस के डमी प्रत्याशी के रुप में नामांकन फार्म भरा था,लेकिन कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी होने के नाते अक्षय बम के पास बी फार्म था और उनका नामांकन मंजूर हो गया था। पटेल के फार्म में दस प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं थे। इस कारण उनका नामांकन निरस्त हो चुका था, लेकिन तब उन्होंने आपत्ति नहीं ली।
इसलिए पटेल को जाना पड़ा कोर्ट
इंदौर लोकसभा सीट के लिए कांग्रेस ने अक्षय बम को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय जाकर नाम वापस ले लिया और भाजपा का दामन थाम लिया। अब इंदौर में कांग्रेस का कोई अधिकृत उम्मीदवार नहीं है।
पटेल कांग्रेस के डमी उम्मीदवार थे, लेकिन उनका नामांकन निरस्त हो गया था। इस मामले में उन्होंने पहले हाईकोर्ट की सिंगल बैंच में याचिका लगाई थी और कहा कि अधिकृत उम्मीदवार की नाम वापसी के बाद वे कांग्रेस के वैकल्पिक उम्मीदवार है। उन्हें कांग्रेस का चिन्ह आवंटित किया जाए, हालांकि कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।