इंदौर में ठंड का असर होने लगा कम
- फोटो : amar ujala digital
उत्तर भारत में ज्यादा बर्फबारी न होने और पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने के कारण जनवरी में इस साल ज्यादा ठंड नहीं रही। इंदौरवासियों को कड़ाके की ठंड का एहसास ही नहीं हुआ।
दस सालों में इंदौर में जनवरी सबसे ज्यादा गर्म रही। जनवरी के एक दिन भी रात का पारा 9 डिग्री से नीचे नहीं गया, जो पिछले सालों की तुलना में सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान रहा,जबकि जनवरी में इंदौर में भी ठंड ज्यादा रहती है। इंदौर में 89 साल पहले पारा 1.1डिग्री तक भी गया था।
इंदौर में दिसम्बर के बाद जनवरी में भी कड़ाके की ठंड रहती है। इस बार ऐसा नहीं हुआ। जनवरी में रात का तापमान 21 जनवरी को 9 डिग्री तक गया, जबकि जनवरी भी कड़ाके की ठंड के लिए जानी जाती रही है।
मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में दस सालों में सबसे ज्यादा ठंड 29 जनवरी 2019 को रही। तब तापमान 5.6डिग्री तक रहा। वर्ष 2018 में रात का सबसे कम तापमान 8 डिग्री रहा। इस साल जनवरी में रात को पारा 9 डिग्री से नीचे नहीं गया।
मौसम विज्ञानिकों को कहना है कि उत्तर भारत में जब बर्फबारी होती है तो उसका असर मध्य प्रदेश तक भी होता है लेकिन इस बार वहां ज्यादा बर्फ नहीं गिरी। इस कारण बर्फीली हवाओं का दौरा नहीं रहा और ठंड भी ज्यादा नहीं रही।
दिसम्बर में भी दिन ठंडे रहे, लेकिन रात का तापमान ज्यादा रहा। पूरे सीजन में ज्यादा कोल्ड डे नहीं रहे। मंगलवार का दिन का तापमान 26.4डिग्री रहा, जबकि रात का तापमान 13.6डिग्री रहा। अब तापमान लगातार बढ़ता रहेगा। 15 फरवरी तक गुलाबी ठंड का असर रहेगा। सुबह और शाम हल्की ठंड रहेगी। 20 फरवरी के बाद गर्मी शुरू हो जाएगी।