जनवरी में होने वाले मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर इंदौर प्रशासन ने चायनीज मांजे के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। सख्ती दिखाते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को पतंग की दुकान पर छापे मारे और बड़ी मात्रा में चायनीज मांजा जब्त किया।
बता दें कि बीते कुछ वर्षों में इंदौर में मकर संक्रांति त्यौहार पर पतंगबाजी जोरों पर होने लगी है। लोग पतंगों के पेंच लड़ाने के लिए चायनीज मांजे का इस्तेमाल करते हैं, ताकि उनकी पतंग न कटे, लेकिन चायनीज मांजे के कारण पक्षियों के घायल होने और वाहन चालकों के गले व शरीर पर चोट लगने के मामले में अक्सर सामने आते हैं।
इसके मद्देनजर इंदौर में कलेक्टर आशीष सिंह ने चायनीज मांजे को बेचने उसका स्टाॅक रखने पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारतीय नागरिक संहिता की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
शुक्रवार को प्रशासन की टीम अलग-अलग पतंग भंडारों पर पहुंची और जांच की। इस दौरान काछी मोहल्ला में रफीक पतंग हाउस पर बड़ी मात्रा में चायनीज मांजा मिला। जिसे जब्त कर लिया गया है।
बता दें कि चायनीस मांजा मेटालिक पाउडर से तैयार होता है। यह आसानी से नहीं टूटता। कई बार वाहन चालक के गले व शरीर के अन्य हिस्से इससे कट जाते हैं। बिजली के तारों के संपर्क में आने के कारण झटका भी लग सकता है और विद्युत आपूर्ति भी अवरुद्ध हो जाती है।