कार्यक्रम में शामिल हुए बच्चे और अतिथि
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
शहर के ऐतिहासिक शासकीय श्री अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय में एक अनूठी और ज्ञानवर्धक पहल 'ह्यूमन लाइब्रेरी' का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किताबों की दुनिया से अलग, अनुभवी व्यक्तियों के जीवन से सीधे सीखने का अवसर प्रदान करना है। इस पहल के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
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कौन बने 'ह्यूमन बुक'?
कार्यक्रम की पहली 'ह्यूमन बुक' के रूप में मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त, 75 वर्षीय आलोक शर्मा ने अपने जीवन के खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए। उन्होंने राष्ट्र प्रेम और सनातन धर्म को जीवन का सर्वोच्च मूल्य बताया। अपने बचपन के रोचक किस्सों के माध्यम से उन्होंने युवाओं को ईश्वर पर आस्था रखने और यह विश्वास करने की प्रेरणा दी कि जो होता है, वह आपके भले के लिए ही होता है।
मुख्य अतिथि ने दिया सफलता का मंत्र
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, अंतरराष्ट्रीय कवि एवं साहित्यकार प्रो. राजीव शर्मा ने युवाओं को कर्म के महत्व के बारे में समझाया। उन्होंने हिमालय से गिरने वाली चट्टानों का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल सही दिशा में किया गया निरंतर प्रयास ही आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचा सकता है। उनके मनोरंजक और ज्ञानवर्धक अंदाज ने युवाओं को न केवल प्रेरित किया, बल्कि आनंदित भी किया।
'ह्यूमन लाइब्रेरी' के इतिहास की जानकारी दी
इस अनूठे शुभारंभ के अवसर पर पुस्तकालय प्रमुख डॉ. लिली संजय डावर ने 'ह्यूमन लाइब्रेरी' के इतिहास और भारत में इसकी शुरुआत के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में पुस्तकालय परिवार से मेघना चार्ल्स, पूर्णिमा पांचाल, रागिनी गौड़, रत्नेश देवलासे सहित कई पाठकगण और कर्मचारी उपस्थित रहे।