इंदौर के विष्णुपुरी और इंद्रपुरी क्षेत्र में चार होस्टल जमींदोज कर दिए। होस्टलों का निर्माण रहवासी क्षेत्र में नक्शे के विपरित किया जा रहा था। बिल्डिंगों का निर्माण कुछ माह पहले किया गया था और उनके उपयोग की तैयारी थी। जेसीबी चलने से पहले बिल्डिंग मालिकों ने अफसरों को दस्तावेज भी दिखाए और कहा कि उन्होंने कर्ज लेकर निर्माण कराया है, लेकिन अफसरों ने कहा कि निर्माण नियमों के विपरित किया गया है।
पहले नोटिस भी दिया गया था। आप लोगों ने स्वेच्छा से निर्माण नहीं हटाया। इसके बाद विष्णपुरी में तीन हजार वर्गफीट पर बने होस्टल को तोड़ा गया। इसके अलावा नानक पैलेस काॅलोनी में भी एक होस्टल तोड़ा गया। इंद्रपुरी में भी दो निर्माण निगम ने तोड़े है। निर्माण तोड़े जाने के दौरान विवाद न हो, इसलिए आसपास के थानों का पुलिस बल भी मौजूद था। इस क्षेत्र में कुछ अन्य होस्टलों का निर्माण भी हो रहा है। नगर निगम ने उन्हें भी नोटिस दे रखे है।
छह माह में पंद्रह से ज्यादा निर्माण तोड़े
नगर निगम ने भंवरकुआ क्षेत्र में बीते छह माह में पंद्रह से ज्यादा निर्माणाधीन होस्टल तोड़े है। दरअसल इस क्षेत्र में कई सरकारी व निजी काॅलेज है और कई कोचिंग संस्थान भी संचालित हो रहे है। इस कारण बाहर से आने वाले विद्यार्थी यहां होस्टलों में किराए पर रहते है।
लोगों ने अपने घरों को होस्टल का रुप दे दिया है। इस कारण उन लोगों को परेशानी होती है, जिनके वहां पर आवास है। अवैध होस्टलों का मुद्दा कई बार यहां के कुछ रहवासी उठा चुके है। उधर नगर निगम ने भी होस्टलों को चिन्हित कर कर्मशियल बिल्डिंग के हिसाब से संपत्तिकर लेना शुरू कर दिया है।