इंदौर बीआरटएस के उपर बनेगा ब्रिज
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बीते 10 वर्षों से इंदौर के बीआरटीएस पर एलिवेटेड ब्रिज बनाने की योजना ठंडे बस्ते में पड़ी थी, लेकिन अब उसके निर्माण की कवायद शुरू होगी। एलआईजी चौराहा से नवलखा तक बनने वाले ब्रिज के निर्माण की मियाद दो साल तय की गई है। 17 जनवरी को मुख्यमंत्री मोहन यादव ब्रिज निर्माण का भूमिपूजन करेंगे।
7.4 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ब्रिज की तीन भुजाएं होंगी। पहली भुजा ग्रेटर कैलाश अस्पताल की तरफ रहेगी, जबकि दूसरी भुजा गीता भवन चौराहे पर मधुमिलन चौराहे की तरफ रहेगी। ब्रिज की तीसरी भुजा व्हाइट चर्च रोड पर रहेगी, जो पिपलियाहाना की तरफ होगी। ब्रिज फोरलेन होगा, जबकि तीनों भुजाएं दो लेन रहेगी। ब्रिज की चौड़ाई 15.5 मीटर रहेगी। ब्रिज पर फुटपाथ नहीं होंगे। जो वाहन एलआईजी से सीधे भंवरकुआ चौराहा या राजीव गांधी चौराहा की तरफ जाते है। उन्हें इस एलिवेटेड ब्रिज से काफी आसानी हो जाएगी।
12 साल पहले मिली थी मंजूरी
12 साल पहले तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कमल नाथ ने एलिवेटेड ब्रिज के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए थे, लेकिन तब बीआरटीएस रोड भी बनाने की मंजूरी मिल गई थी, इस कारण एलिवेटेड ब्रिज की योजना पर काम नहीं हुआ।
लोक निर्माण विभाग ने ब्रिज के लिए सर्वे भी करा लिया था। बाद में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस योजना को फिर सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इस ब्रिज के निर्माण को जल्दी से जल्द पूरा किया जाएगा। दो साल की समयसीमा इसके लिए तय की है।