डिजिटल अरेस्ट के अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे पुलिस अधिकारियों को फंसाने में भी नहीं डरते हैं। इंदौर के ट्रैफिक सूबेदार को डिजिटल अरेस्ट के अपराधियों ने फंसाने की कोशिश की लेकिन जागरूकता की वजह से बच गए। उन्हें बेटे की गिरफ्तारी की बात से डराकर फ्रॉड में फंसाया जा रहा था। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस तरह के कॉल से बचने के लिए दोस्तों और रिश्तेदारों से भी अपील की है।
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बेटे को फोन किया तो वह नहीं बचेगा
पश्चिम यातायात थाने के सूबेदार सुमित बुधौलिया को दो दिन पहले अनजान नंबर से वॉट्सऐप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने कहा कि एक लड़की से गलत हरकत करने के मामले में उनके बेटे की गिरफ्तारी हुई है। उन्हें बताया गया कि बेटे को कोर्ट में पेश करने के साथ उसे मीडिया के सामने ले जाएंगे। अगर इस बात से बचना है तो उन्हें 50 हजार रुपए देना होंगे। खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले युवक ने करीब तीन मिनट तक सुमित को डिजिटल अरेस्ट करके रखा। सुमित को कॉल करने वाले व्यक्ति ने यह भी कहा कि अगर उनके बेटे के नंबर पर कॉल किया तो वह उसे बचा नहीं पाएगा।
सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी
हालांकि सुमित समझ गए थे कि उक्त कॉल फर्जी है और वे कॉल करने वाले के झांसे में नहीं आए। घटना के बाद उन्होंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया और इस तरह के कॉल से बचने के तरीकों के बारे में बताया।