इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) को शुक्रवार को नए कुलगुरु मिल गए। डाक्टर राकेश सिंघई ने सुबह पदभार ग्रहण किया। पूर्व कुलगुरु डाक्टर रेणु जैन के पांव छूकर उन्होंने आशीर्वाद लिया और यूनिवर्सिटी के अधिकारियों, कर्मचारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में अपनी योजनाओं पर भी चर्चा की।
प्र. नई नियुक्तियों पर लंबे समय से रोक है?
उ. लंबे समय से नियुक्तियां रुकी हुई हैं। जल्द ही हम नई नियुक्तियों के लिए प्रयास शुरू करेंगे। पिछले आदेशों को देखकर तुरंत नई नियुक्तियों के लिए क्रियान्वयन करवाया जाएगा।
प्र. प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए क्या करेंगे?
उ. स्टूडेंट्स को रोजगार दिलवाना ही हमारी पहली प्राथमिकता है। इसके लिए आज के परिदृश्य में चल रहे कई नए कोर्स शुरू करेंगे। स्किल डवलपमेंट पर पूरा फोकस होगा।
प्र. यूनिवर्सिटी के लिए क्या योजना?
यूनिवर्सिटी को ए प्लस प्लस ग्रेड दिलाना है। पिछले कुछ सालों में यूनिवर्सिटी ने देश में अपना नाम रोशन किया है। इसे और भी आगे बढ़ाना है।
प्र. कुछ नए प्रयोग करेंगे?
छात्रों के लिए स्किल डवलपमेंट बेस्ड नए कोर्स लाएंगे। वोकेशनल ट्रेनिंग और अन्य तरह के प्रैक्टिकल सेशन भी बढ़ाएंगे।
प्र. रिजल्ट और परीक्षा में लेटलतीफी के लिए क्या करेंगे?
पहले सिस्टम समझना होगा। किस वजह से दिक्कतें आ रही हैं। इसके बाद विशेषज्ञों की मदद से सभी से सलाह मशवरा करके रिजल्ट बेस्ड प्लानिंग बनाएंगे।
काले गुलाब लेकर पहुंचे कांग्रेसी
कुलपति के पदभार ग्रहण करने वाले दिन कांग्रेसी नेता काले गुलाब लेकर पहुंचे। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि नए कुलपति को किसी की नजर न लगे इसलिए हम काले गुलाब लेकर आए हैं। यूनिवर्सिटी में जिस तरह से एमबीए के पेपर लीक हुए और दोषियों पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई, उससे देशभर में इंदौर की बदनामी हुई। हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द दोषियों पर कार्रवाई हो।