इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले ऑपरेटर को 1.597 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक लाख रुपए आंकी गई है। आरोपी यह गांजा सस्ते दामों में खरीदकर महंगे दामों में नशे के आदी लोगों को बेचने की फिराक में था। इस ऑपरेशन से शहर में नशे के कारोबार पर एक और करारा प्रहार हुआ है।
केसर बाग रोड से की गई गिरफ्तारी, भागने की कोशिश कर रहा था युवक
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान नालंदा परिसर के सामने केसर बाग रोड के पास एक युवक टीम की गाड़ी को देखकर भागने लगा। क्राइम ब्रांच की टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पकड़े गए युवक की पहचान तरुण तालुकदार निवासी द्वारकापुरी के रूप में हुई है।
नशे के सौदागर का खुलासा: पढ़ाई छोड़कर गांजे के धंधे में उतरा
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी तरुण तालुकदार ने केवल 12वीं तक पढ़ाई की है और वह एक प्राइवेट कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। उसने जल्दी अमीर बनने की चाह में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी थी। वह गांजा सस्ते दामों में जुटाकर, उसे ऊंचे दामों में नशे के आदी लोगों को बेचता था। पुलिस ने आरोपी के पास से गांजा व बाइक जब्त की है और NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की पूछताछ की जा रही है।
पुराने आरोपी की निगरानी भी तेज, टेक्निकल विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई
क्राइम ब्रांच ने नशे के कारोबार में पहले से गिरफ्तार आरोपियों के मामले में भी कार्रवाई शुरू कर दी है। 70 किलो एमडी ड्रग्स के मामले में पकड़े गए आरोपी अमजद हुसैन (47), निवासी सदर बाजार इंदौर से थाने में डोजियर भरवाया गया। उससे वर्तमान इनकम के स्रोत और अन्य तकनीकी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। प्राप्त सूचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिससे नशा कारोबार की जड़ों को पूरी तरह उखाड़ा जा सके।