समीर शर्मा, इंदौरवाले
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अधिकारियों और नेताओं की जवाबदेही कौन तय करेगा
संस्था इंदौरवाले के समीर शर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय निवासियों का आरोप है कि वे लंबे समय से गंदे पानी की समस्या झेल रहे थे। शिकायतों के बावजूद नगर निगम के अधिकारियों और नेताओं ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। कई स्थानों पर पाइप लाइनें टूटी और खुदाई के कारण स्थिति और बिगड़ गई। समीर ने कहा कि यहां पर नेताओं और अधिकारियों की जवाबदेही तय होना चाहिए, जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी शहर में यह घटनाएं होती रहेंगी।
प्रमुख कारण
नेताओं और अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं है जिससे घटनाएं बढ़ रही हैं।
शहर में जन आंदोलन पूरी तरह से खत्म हो गए जिससे जिम्मदारों में कार्य के प्रति गंभीरता खत्म हो गई।
घरों के पीछे की बैकलाइन का पूरी तरह समाप्त होना या उन पर अवैध निर्माण होना।
ड्रेनेज और नर्मदा पेयजल पाइप लाइनों का एक-दूसरे के अत्यंत करीब (1-2 फीट) होना।
नगर निगम द्वारा शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई न करना और आधा-अधूरा काम छोड़ना।
गलियों और सड़कों पर ड्रेनेज का पानी जमा होना जो पेयजल लाइनों में लीकेज के जरिए पहुंचता है।
संभावित समाधान
नेताओं और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो, गलती पर सजा मिले।
जनता सड़कों पर आंदोलन करे, शहर के हित में लगातार आवाज उठाए।
भविष्य की कॉलोनियों के नक्शों में बैकलाइन के अनिवार्य प्रावधान को कड़ाई से लागू करना।
पेयजल और ड्रेनेज लाइनों के बीच एक सुरक्षित मानक दूरी तय करना और पुरानी लाइनों को शिफ्ट करना।
ड्रेनेज चोक और पाइप लीकेज की शिकायतों के लिए त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम तैयार करना।
पुराने क्षेत्रों में जहाँ लाइनें सटकर चल रही हैं, वहाँ आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से लीकेज प्रूफिंग करना।