ब्रिज निर्माण के लिए खुदाई शुरू।
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इंदौर के बीआरटीएस पर नए ब्रिज का निर्माण शुरू हो गया। इसके लिए बीआरटीएस की रैलिंग हटाकर खुदाई की जा रही है। 11 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस पर बनने वाला यह दूसरा ब्रिज है।
सालभर पहले भंवरकुआ चौराहे पर भी ब्रिज का निर्माण शुरू हुआ था। नया ब्रिज निरंजनपुर चौराहे पर बन रहा है। यहां से बीआरटीएस की शुरूआत हुई है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम इस ब्रिज का निर्माण कर रहा है और उसकी लागत 45 करोड़ रुपये से ज्यादा होगी।
उज्जैन की तरफ से आने वाले भारी वाहन एमआर-10 मार्ग से निरंजनपुर चौराह होकर भोपाल की तरफ जाते हैं। इस कारण चौराहे पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। यहां छोटे वाहन भी ज्यादा चलते हैं। इस कारण हादसे का अंदेशा भी अक्सर रहता है।
इस वजह से सड़क विकास निगम ने ब्रिज के लिए इस चौराहे के चुना है। ठेकेदार कंपनी ने यहां पिलर बनाने के लिए खुदाई शुरू कर दी है। दो माह पहले ब्रिज के लिए मिट्टी परीक्षण हो चुका था।
अफसरों ने बताया कि छह ब्रिज देवास नाका से विजय नगर चौराहे की तरफ बनेगा और उसकी लंबाई 500 मीटर है। ब्रिज के निर्माण की समय सीमा डेढ़ साल तय की गई है। ब्रिज निर्माण के दौरान चौराहे पर ही वैकल्पिक मार्ग तैयार किए गए हैं।
एलिवेटेड कॉरिडोर भी बनेगा
सड़क विकास निगम बीआरटीएस पर एलआईजी चौराहा से व्हाइट चर्च चौराहा तक एलिवेटेड काॅरिडोर भी बना रहा है। इस पर 375 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। तीन माह पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया था। इसके लिए 10 स्थानों पर मिट्टी परीक्षण हो चुका है। जल्दी ही काम शुरू होगा। यह काॅरिडोर सड़क के मध्य हिस्से पर बनेगा और इसकी तीन भुजाएं भी होंगी। इस कॉरिडोर की लंबाई छह किलोमीटर से ज्यादा होगी।
खजराना ब्रिज की एक लेन पर ट्रैफिक होगा शुरू
इंदौर विकास प्राधिकरण खजराना चौराहे पर ब्रिज बना रहा है। इसकी एक लेन लगभग तैयार हो चुकी है। दो माह के भीतर उसे ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। रिंग रोड पर यह चौथा ब्रिज है। पालदा, बंगाली चौराहा और पिपलियाहाना चौराहे पर पहले ही ब्रिज बन चुके हैं।