मालवा निमाड़ की आदिवासी सीटों पर भाजपा ने किया फोकस
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भाजपा ने मध्य प्रदेश की 230 में से 163 सीटेें जीतकर स्पष्ट बहुमत से भले ही सरकार बनाई हो,लेकिन मालवा निमाड़ की 22 में 11 आदिवासी बहुल्य विधानसभा सीटें जीतकर कांग्रेस ने अपना दबदबा कायम रखा।
भाजपा के उम्मीदवार दस सीटों पर चुनाव जीते, जबकि सैलाना सीट पर भारत आदिवासी पार्टी के पास है। इंदौर और उज्जैन संभाग की आठ लोकसभा सीटें भाजपा ने जीती थी, इस बार कुछ सीटों पर एंटीइकमबैंसी फैक्टर का खतरा है,इसलिए भाजपा उन सीटों पर ज्यादा फोकस कर रही है।
झाबुआ में हुए आदिवासी महाकुंभ को भी उससे जोड़कर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के जरिए भाजपा ने आदिवासी वोटरों को साधने मेें कोई कसर बाकी नहीं रखी। इस सभा के जरिए धार, रतलाम और खरगोन सीटों पर भाजपा ने फोकस किया।
तीनों लोकसभा सीटों पर आदिवासी वोटर निर्णायक भूमिका में रहते है। भाजपा की तुलना में कांग्रेस के पास कांतिलाल भूरिया, उमंग सिंगार, विक्रांत भूरिया, बाला बच्चन जैसे नेता है। जिनकी आदिवासी क्षेत्रों में गहरी पैैठ है,जबकि भाजपा के पास आदिवासी नेताअेां के चेहरों का संकट है। माना जा रहा है कि कुछ आदिवासी बहुल्य सीटों पर भाजपा नए चेहरों को मौका दे सकती है।
युवा वोटरों को साधने की कोशिश
प्रदेश सरकार ने खरगोन में टंट्या मामा विश्व विद्यालय खोलकर आदिवासी युवा वोटरों को साधने की कोशिश की। मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस को भी कोसा। मोदी ने कहा कि कांग्रेस गांव, गरीब आदिवासी समाज को सिर्फ वोटबैंक मानती है। कांग्रेस नफरत की राजनीति करती है। भाजपा आदिवासी समाज को वोटबैंक नहीं मानती।