छात्र के सुसाइड के मामले में पांंच पर केस।
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दो साल पहले एक छात्र द्वारा किए गए सुसाइड के मामले में पुलिस ने अब जाकर सेज यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर, प्रोफेसर सहित पांच के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। छेड़छाड़ के विवाद में दो साल पहले 22 फरवरी को काॅलेज परिसर में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इस दौरान दो पक्षों में हुई मारपीट हुई थी। इस दौरान एक छात्रा ने एमबीए कर रहे अरुण पटेल को तमाचे मारे थे। इस बात से वह आहत था। इधर मामले में डायरेक्टर का कहना है कि हमारा मामले से कोई लेना-देना नहीं है. हमें फंसाया जा रहा है।
बता दें कि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए विवि प्रबंधन ने उनके माफीनामे लिखवा कर मामला रफा-दफा कर दिया था, लेकिन विवाद के छह माह बाद अरुण ने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उससे पहले उसने यूट्यूब पर सुसाइड नोट डाला। इसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार छात्रा वंदना, सेज यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर अनिल पटवारी, प्रोफेसर नीरज डोंगरे, छात्र नीरज सांवले और छात्र नेता रवि चौधरी को बताया था।
इसके बाद उनसे आत्महत्या कर ली थी। बेटमा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की थी और अब दो साल बाद पांच लोगों को आरोपी मानते हुए केस दर्ज कर लिया। डायरेक्टर पटवारी का कहना है कि परिसर में हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों के परिजनों को बुलाया गया था और उन्होंने माफीनामा भी लिखा था। उसके बाद छात्रों ने परीक्षा भी दी थी। उसमें अरुण भी शामिल था। घटना के छह माह बाद उसने आत्महत्या की। काॅलेज प्रबंधन का इस मामले में कोई लेना-देना नहीं है। हमें इस मामले में जबरन फंसाया जा रहा है।