जो लोग तकनीक का उपयोग अपने काम को बेहतर करने के लिए करते हैं वह भविष्य में बहुत तेजी से आगे बढ़ेंगे और जो तकनीक को नहीं सीखना चाहते वह पीछे रह जाएंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियां नहीं खा सकता। आपको तकनीक के इस दौर में मौलिकता को बरकरार रखना होगा और मौलिकता हमेशा ही जीवंत रहेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कृत्रिम बुद्धि का धमाल नौकरी लेगा या करेगा कमाल। इस विषय पर यह विचार वरिष्ठ पत्रकारों ने प्रेस क्लब में व्यक्त किए। मौका था प्रेस क्लब इंदौर के 63वें स्थापना दिवस प्रसंग इंदौर मीडिया कॉन्क्लेव 2025 का। पीटीआई के डिजिटल सर्विसेज एंड फैक्ट चेकिंग हेड प्रत्यूष रंजन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पत्रकारिता को कभी खत्म नहीं कर सकती वह पत्रकारिता की कमियों को दूर जरूर करेगी। जो डाटा का सही उपयोग करेगा वह तेजी से आगे बढ़ेगा।
रोबोट वाले न्यूज एंकर जनता ने अस्वीकार्य कर दिए
एनडीटीवी के सीनियर एडिटर हिमांशु शेखर ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक स्मार्टफोन उपयोग करने वाले देशों में से एक है। यहां फेसबुक, गूगल का उपयोग भी करोड़ों नागरिक करते हैं। उन्होंने कहा कि एआई से न्यूज़ एंकर बनाए जरूर गए लेकिन लोगों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। लोगों को वास्तविक चीज ही पसंद आती है।
फील्ड रिपोर्टिंग का कोई विकल्प नहीं
वेब दुनिया के संस्थापक विनय छजलानी ने कहा कि इंसान ने पहिए का आविष्कार किया और विकास को गति दी अब इंसान ने एक ऐसी तकनीक बनाई है जो उससे भी ज्यादा बुद्धिमान है भविष्य में वह संवेदनशील भी बन जाएगी। पत्रकारिता में चुनौतियां आ सकती हैं लेकिन फील्ड की रिपोर्टिंग हमेशा ही सर्वोपरि रहेगी।विनय छजलानी ने कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से नौकरियां जाने का डर नहीं रखना चाहिए। हमें तकनीक को अपनाना होगा और खुद को बेहतर बनाना होगा।
मौलिकता बरकरार रखना जरूरी
अमर उजाला डिजिटल के संपादक जयदीप कर्णिक ने कहा कि चुनौतियां सिर्फ मौलिकता की है। यदि आप मौलिकता को बरकरार रखते हैं, आप हमेशा तकनीक से आगे रहेंगे। फेक न्यूज एक गंभीर विषय है जिस पर लगाम लगाना जरूरी है और दुनियाभर की सरकारें इस पर काम कर रही हैं। जल्द ही इसका भी हल निकलेगा। इसके बाद हुए तीसरे सत्र में अखबारों से सिमटता साहित्य विषय पर चर्चा हुई। इसके पैनल डिस्कशन में एनडीटीवी के सीनियर एग्जीक्यूटिव एडिटर प्रियदर्शन, वरिष्ठ पत्रकार अनन्त विजय, मप्र साहित्य अकादमी के निदेशक डा विकास दवे और वरिष्ठ पत्रकार निर्मला भुराडिया शामिल हुए।