मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के 8 वर्षीय दैविक पुष्पाकर ने अपनी अद्भुत गणितीय क्षमता और एकाग्रता का प्रदर्शन करते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। दैविक को इस असाधारण प्रदर्शन के लिए आईबीआर अचीवर के सम्मान से नवाजा गया है।
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मानसिक गणना में दिखाया अद्भुत कौशल
19 फरवरी 2018 को जन्मे दैविक ने केवल 8 वर्ष 4 माह की उम्र में एक कठिन गणितीय रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने 3 अंकों की संख्याओं को 1 अंक की संख्या से भाग देने वाले 100 प्रश्नों को बिना किसी कैलकुलेटर के केवल कागज और पेंसिल की मदद से 1 मिनट 50 सेकंड में हल कर दिया।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने दी आधिकारिक पुष्टि
इस अनोखी और रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि 24 जून 2026 को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा की गई। दैविक सबसे कम उम्र में और सबसे तेज गति से 3 अंकों के 100 भाग के प्रश्नों को हल करने वाले देश के पहले विद्यार्थी बन गए हैं।
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कड़ी मेहनत और यूसीएमएएस एबेकस प्रशिक्षण का परिणाम
दैविक की इस सफलता के पीछे उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और यूसीएमएएस एबेकस का विशेष प्रशिक्षण शामिल है। इतनी छोटी उम्र में इस प्रकार की गति और मानसिक क्षमता हासिल करना अन्य बच्चों के लिए बेहद प्रेरणादायक माना जा रहा है।
शहर और प्रदेश का नाम किया रोशन
दैविक की इस बड़ी सफलता पर उनके परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने खुशी जताते हुए बधाई दी है। दैविक का यह कीर्तिमान केवल इंदौर और मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।