रेलवे स्टेशन निर्माण को लेकर बैठक।
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इंदौर में नई रेल बिल्डिंग का निर्माण अब जल्दी ही शुरू होगा। स्टेशन की क्या प्लानिंग है। इसे लेकर शुक्रवार को इंदौर में जनप्रतिनिधियों की बैठक रखी गई। बैठक में जब रेलवे अफसरों ने बताया कि बिल्डिंग की निर्माण अवधि तीन वर्ष है तो नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सवाल उठाया कि तीन साल बाद उज्जैन में सिंहस्थ मेला लगेगा। ज्यादातर भीड़ इंदौर से होकर उज्जैन जाएगी। यदि समयसीमा में निर्माण पूरा नहीं हो पाया तो सिंहस्थ के समय मुश्किल हो जाएगी।
बैठक में अफसरों ने बताया कि नई बिल्डिंग सात मंजिला होगी।पार्किंग बेसमेंट में रहेगी। जिसमें पांच सौ चारपहिया वाहन पार्क हो सकते है। स्टेशन पर 26 लिफ्ट होगी। अफसरों ने बताया कि मेट्रो स्टेशन से भी नए रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी होगी। पहले पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा। पहले 60 मीटर वाले हिस्से में काम होगा, ताकि स्टेशन पर ट्रेन संचालन की गतिविधियां प्रभावित न हो।
सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि तीन साल में स्टेशन की नई बिल्डिंग बनकर तैयार होगी। इंदौर में मुख्य रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का काम जल्दी ही शुरू होने वाला हैै। सिंहस्थ तक नया स्टेशन संचालन के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा है। निर्माण अवधि में मुख्य रेलवे स्टेशन से चलने वाली कुछ रेल गाडि़यां लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से संचालित होगी,जबकि मुख्य रेलवे स्टेशन से भी ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। निर्माण का ठेका अहमदाबाद की कंपनी को दिया गया है।
चार सौ करोड़ रुपये होंगे खर्च
इस प्रोजेक्ट पर साढ़े चार सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेल बजट में भी इसके लिए राशि आवंटित हुई हैै। यहां रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधा से लैस होगा यात्री सुविधा पर भी रेल विभाग का फोकस रहेगा। सांसद लालवानी ने बताया कि नया रेलवे स्टेशन पचास साल की जरुरतों को ध्यान मेें रखकर बनाया जाएगा। इसके लिए आसपास की जमीन भी ली जाएगी।