फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Loksabha Election: इंदौर में कौन कब जीता लोकसभा का चुनाव, देखें सीट का पूरा इतिहास

Tue, 05 Mar 2024 07:49 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

लोकसभा इंदौर के चुनाव बेहद रोमांचक होते रहे हैं। कई बार चुनावों ने लंबे अरसे तक नागरिकों के जहन में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। 
 
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव 2023 में जीत के बाद जश्न मनातीं भाजपा कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर लोकसभा सीट के चुनाव हमेशा से चर्चा में रहे हैं। इस सीट ने न सिर्फ मालवा निमाड़ बल्कि देश की राजनीति को भी कई बड़े बदलाव दिए हैं। इंदौर से चुनाव लड़ीं सुमित्रा महाजन लोकसभी स्पीकर तक गईं और देशभर में इंदौर का नाम रोश किया। कभी कांग्रेसियों का गढ़ मानी जानी वाली यह सीट अब भाजपा का मुख्य केंद्र बन चुकी है। 
विज्ञापन


कैसे बदला मतदाताओं का रुख
इंदौर में पहला लोकसभा चुनाव 1952 में लड़ा गया। नंदलाल सूर्यनारायण जोशी इंदौर के पहले सांसद थे। तब कांग्रेस बेहद मजबूत थी। इसके बाद समीकरण बदलते गए और पार्टी की जगह व्यक्ति की छवि और कार्य प्राथमिकता हो गए। साल 1962 में हुए तीसरे चुनाव में ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार और मजदूर नेता होमी दाजी को इंदौर ने सांसद चुनकर यह दिखा दिया कि व्यक्ति की छवि जनता के लिए प्राथमिकता है। इस परिवर्तन के कारण इंदौर देशभर में राजनीतिक सुर्खियों में रहा। 1977 में इंदौर ने फिर चौंकाया। कल्याण जैन भारतीय लोकदल के बैनर तले चुने गए। मप्र के मुख्यमंत्री प्रकाशचंद सेठी यहां से चार बार और सुमित्रा महाजन आठ बार सांसद बनीं। 

सबसे बड़ी और छोटी जीत
इंदौर में सबसे कम मतों से जीत का रिकॉर्ड पूर्व सांसद होमी दाजी के नाम रहा। उन्होंने साल 1962 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस के रामसिंह भाई वर्मा को छह हजार वोटों से हराया था, जबकि 2019 में भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी ने कांग्रेस के पंकज संघवी को पांच लाख 47 हजार 754 वोटों से हराकर सबसे अधिक वोटों से जीतने का रिकॉर्ड बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंदौर में शामिल विधानसभा
इंदौर लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा एक, दो, तीन, चार, पांच हैं। इनके अलावा राऊ, देपालपुर व सांवेर समेत कुल आठ विधानसभाएं शामिल हैं।

सीट पर एक नजर
कुल मतदाता - 24,75,468
पुरुष मतदाता - 12,50,586
महिला मतदाता - 12,24,782
थर्ड जेंडर मतदाता - 100

कौन कब जीता 
1952 : नंदलाल जोशी जीते (कांग्रेस)
1957 : कन्हैयालाल खादीवाला (कांग्रेस) ने किशोरीलाल ( भारतीय जनसंघ) को हराया।
1962 : होमी दाजी (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) ने रामसिंह भाई (कांग्रेस) को हराया।
1967 : प्रकाशचंद सेठी (कांग्रेस) ने होमी दाजी को पराजित किया।
1971 : प्रकाश चंद सेठी (कांग्रेस) ने सत्यभान सिंघल (जनसंघ) को हराया।
1975 : उपचुनाव में रामसिंह भाई (कांग्रेस) ने कल्याण जैन (सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया) को शिकस्त दी।
1977 : कल्याण जैन (भारतीय लोकदल) ने नंदकिशोर भट्ट (कांग्रेस) को हराया।
1980 : प्रकाशचंद सेठी (कांग्रेस) ने शीलकुमार निगम (जेएनपी) को पराजित किया।
1984 : प्रकाशचंद सेठी (कांग्रेस) राजेन्द्र धारकर (भाजपा) को हराया।
1989 : सुमित्रा महाजन (भाजपा) ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाशचंद सेठी (कांग्रेस) को हराया।
1991 : सुमित्रा महाजन (भाजपा) ने दूसरे चुनाव में ललित जैन को शिकस्त दी। 
1996 : सुमित्रा महाजन (भाजपा) ने कांग्रेस के पूर्व महापौर मधुकर वर्मा को पराजित किया।
1998 : सुमित्रा महाजन (भाजपा) ने कांग्रेस प्रत्याशी पंकज संघवी को हराया।
1999 : सुमित्रा महाजन (भाजपा) ने पूर्व मंत्री महेश जोशी (कांग्रेस) को पराजित किया।
2004 : सुमित्रा महाजन (भाजपा) ने पूर्व मंत्री रामेश्वर पटेल (कांग्रेस) को हराया।
2009 : सुमित्रा महाजन (भाजपा) ने सत्यनारायण पटेल (कांग्रेस) को हराया।
2014 : सुमित्रा महाजन (भाजपा) ने विधायक सत्यनारायण पटेल (कांग्रेस) को हराया।
2019 : शंकर लालवानी (भाजपा) ने पंकज संघवी (कांग्रेस) को हराया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें