ताजपुर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली लागू करने वाला देश का पहला स्टेशन बना है।
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रतलाम रेल मंडल का ताजपुर रेलवे स्टेशन इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली लागू करने वाला देश का पहला स्टेशन बना है। इस प्रणाली का इस्तेमाल स्टेशनों पर ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही, सिग्नल, स्नीच, क्रासिंग गेट नियंत्रित करने के लिए हो सकेगा। इसके लिए स्टेशन पर 132 केवी का ट्रांसफार्मर भी लगाया गया है।
भारतीय रेलवे अब ट्रेनों के संचालन के लिए आधुनिक तकनीक को भी अपना रहा है। रतलाम मंडल के ताजपुर रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली को इंस्टॉल किया गया है। इस प्रकार की नई प्रणाली को इंस्टॉल करने वाला रतलाम मंडल भारतीय रेलवे में पहला स्टेशन बना है। इसके लिए रतलाम मंडल पर ओएचई(ओवर हेड इक्यूपमेंट) की क्षमता बढ़ाने के लिए नागदा-खाचरौद खंड में ट्रांसफार्मर स्थापित किया है। इसकी टेस्टिंग जारी है। इससे
मालगाडि़यों की ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। वोल्टेज (50 केवी) के दोगुना होने और बेहतर वोल्टेज मिलने से बिजली की खपत भी कम होगा। नए ट्रांसफार्मर की विद्युत सप्लाई से नई प्रणाली से निर्बाध ट्रेनों के संचालन में मदद मिलेगी और मानवीय गलतियों की संभावना काफी कम होगी। इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली में तब तक ट्रेन को आगे बढ़ने का सिग्नल नहीं देता, तब तक कि लाइन साफ न हो।