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Indore: इंदौर के यातायात को सुधारने के लिए संवाद, एक्सपर्ट बोले- ट्रैफिक की प्रयोगशाला न बने शहर

Sat, 31 Dec 2022 05:17 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर प्रेस क्लब ने शनिवार को 'कैसे सुधर सकता है इंदौर का ट्रैफिक' विषय पर एक संवाद आयोजित किया। इसमें विशेषज्ञों का कहना है कि इंदौर ट्रैफिक की प्रयोगशाला न बने।
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इंदौर प्रेस क्लब ने शनिवार को 'कैसे सुधर सकता है इंदौर का ट्रैफिक' विषय पर एक संवाद आयोजित किया गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर के बिगड़ते यातायात को सुधारने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इंदौर प्रेस क्लब ने शनिवार को 'कैसे सुधर सकता है इंदौर का ट्रैफिक' विषय पर एक संवाद आयोजित किया। इसमें विशेषज्ञों का कहना है कि इंदौर में किसी दूसरे शहर का मॉडल लागू नहीं हो सकता। इंदौर ट्रैफिक की प्रयोगशाला न बने।
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बता दें कि इंदौर प्रेस क्लब के संवाद कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, अफसर और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। बैठक में विशेषज्ञों का कहना था इंदौर शहर की भौगोलिक बनावट अलग है। यहां किसी दूसरे शहर का मॉडल लागू नहीं हो सकता। इंदौर ट्रैफिक की प्रयोगशाला न बने। ट्रैफिक इंजीनियरिंग, रोड नेटवर्किंग पर ध्यान देने की जरूरत है।

चालान से मिला पैसा ट्रैफिक को बेहतर करने में खर्च हो
सियागंज व्यापारी संघ के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने कहा कि वनवे पर दोनों तरफ से ट्रैफिक चलता है। अभ्यास मंडल के रामेश्वर गुप्ता ने कहा कि लेफ्ट टर्न सड़कों पर ठीक करने की जरूरत है। वरिष्ठ पत्रकार सद्गुरु शरण अवस्थी ने कहा कि सख्ती जरूरी है, तभी नियमों का पालन लोग कर सकेंगे। पूर्व ट्रैफिक डीएसपी रामसिंह राणावत ने कहा कि संकेतकों की टाइमिंग के कारण भी ट्रैफिक जाम होता है। किशोर कोडवानी ने कहा कि ट्रैफिक सेल पहले बनी थी, उसे अब फिर अस्तित्व में लाया जाए। जो पैसा चालान से एकत्र होता है, वो ट्रैफिक को बेहतर करने में खर्च किया जाए।
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ट्रैफिक सुधारने के लिए आयोजित संवाद में प्रबुद्धजनों ने विचार रखे। - फोटो : अमर उजाला
स्कूलों में पढ़ाया जाए ट्रैफिक का पाठ
ट्रैफिक एक्सपर्ट प्रताप नायर ने कहा कि वर्टिकल पार्किंग पर शहर में बनना चाहिए। विनय पिंगले ने कहा कि इंदौर के पहले मास्टर प्लान में नदियों का उपयोग भी परिवहन में उपयोग करने पर सुझाव दिया गया था। उसे अभी भी लागू किया जा सकता है। अजीत सिंह नारंग ने कहा कि लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। पूर्व निगमायुक्त सीबी सिंह ने कहा कि हमारे स्कूल के कोर्स में ट्रैफिक के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी जाती है। इस पर ध्यान देना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने कहा कि बड़े डिवाइडर के कारण पैदल यात्रियों को परेशानी आती है। फुट ब्रिज बनाए जाना चाहिए। 15 साल पुराने वाहनों को शहर से बाहर किया जाना चाहिए।

ज्यादा पार्किंग स्पेस हो
इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने कहा कि पार्किंग के लिए ज्यादा जगह होना चाहिए। संवाद में आए अच्छे सुझावों को अमल में लाया जाए। डीसीपी ट्रैफिक महेश चंद्र जैन ने कहा कि इंदौर की सड़कों पर पीक अवर में क्षमता से तीन गुना ज्यादा ट्रैफिक रहता है। अभी साढ़े आठ सौ ट्रैफिककर्मी हैं। संविदा पर ट्रैफिक के लिए कर्मचारी रखे जा सकते हैं। 

लोक परिवहन को बढ़ावा देना चाहिए
कलेक्टर टी. इलैया राजा ने कहा कि शहर अपेक्षा से ज्यादा तेजी से विकसित हो रहा है। लोक परिवहन को हमें ज्यादा बढ़ावा देना होगा। पहले हमें ट्रैफिक की सुविधाएं बढ़ाना होंगी, उसके बाद ही सख्त कदम उठा सकते हैं। सिग्नल को ठीक करना, पार्किंग बेहतर करने के लिए सभी जिम्मेदार विभागों को गंभीर प्रयास करना होंगे।




मेयर बोले- ट्रैफिक सेल बनेगा
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर में ट्रैफिक सेल बनेगा। स्मार्ट सिग्नल शहर में लगेंगे। ई चालान भी बनेंगे। इसके लिए टेंडर भी हो गए हैं। भार्गव ने कहा कि मेनरोड से ज्यादा लोग घरों तक जाने में परेशान रहते हैं, क्योकि गलियों में बाहर ही गाड़ियां पार्क हैं। 

सांसद बोले-यातायात सुधार सामूहिक तौर पर ही संभव
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि यातायात सुधार सामूहिक तौर पर ही हो सकता है। इंदौर, देवास, उज्जैन में मेट्रो पर प्लानिंग होना चाहिए। वहां की आबादी का दबाव भी इंदौर पर पड़ता है। 
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