देवी अहिल्या विश्वविद्यालय प्रशासन अपने तक्षशिला परिसर में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और कक्षाओं की कमी की समस्या को हल करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन 8 करोड़ रुपये की लागत से 3 मंजिला नए लेक्चर थिएटर भवन का निर्माण करने की योजना पर कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा इस निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार इस नए परिसर और भवन का निर्माण कार्य पूर्ण होने में करीब 2 वर्ष का समय लगने का अनुमान है।
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शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार होगा
इस नए निर्माण का प्राथमिक उद्देश्य विश्वविद्यालय में जारी अध्ययन गतिविधियों को गति प्रदान करना है। नया भवन बनने के बाद विभिन्न अध्ययन विभाग अपने विद्यार्थियों की दैनिक कक्षाएं यहां सुगमता से आयोजित कर पाएंगे। इससे वर्तमान समय में विभिन्न कक्षाओं पर बना हुआ अतिरिक्त दबाव कम होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस नए भवन का उपयोग पूरी तरह शैक्षणिक गतिविधियों के लिए निर्धारित रहेगा, जबकि विभागों से जुड़े प्रशासनिक कार्य पहले की तरह संबंधित विभागीय परिसरों से ही संचालित किए जाएंगे।
आधुनिक सुविधाओं और डिजिटल उपकरणों का समावेश होगा
3 मंजिला भवन में केवल सामान्य लेक्चर थिएटर ही शामिल नहीं होंगे, बल्कि शैक्षणिक चर्चाओं, सम्मेलनों और सेमिनार के आयोजन के लिए विशेष हॉल भी बनाए जाएंगे। विद्यार्थियों की विविध शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अलग कमरों का प्रावधान भी इस योजना में शामिल है। इन सभी कमरों और हॉलों को आधुनिक डिजिटल उपकरणों और आवश्यक अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की पूरी रूपरेखा तैयार की गई है।
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भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनेगा
विश्वविद्यालय परिसर में समय-समय पर नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई के अनुसार नए पाठ्यक्रमों के शुरू होने से आने वाले सत्रों में विद्यार्थियों की कुल संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसी भविष्यगत आवश्यकता और अतिरिक्त कक्षाओं की मांग को समय से पहले पूरा करने के उद्देश्य से 8 करोड़ रुपये के इस नए शैक्षणिक भवन का खाका तैयार किया गया है।