टीआई सियाराम गुर्जर
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
शादी के बाद लाखों रुपए और मिलते
दोनों आरोपियों ने बताया कि निकाह करके जब हम उन लड़कियों को मुस्लिम बना देते तो हमें पार्षद अनवर कादरी लाखों रुपए और देता। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी पार्षद से 10 से 12 मुलाकात कर चुके थे। वह किश्तों में उससे तीन लाख रुपए ले चुके थे।
लड़कियों को कैसे फंसाया
साहिल और अल्ताफ ने पुलिस को बताया कि हमने इंस्टाग्राम पर अर्जुन और राज के नाम से प्रोफाइल बनाई। इसके बाद हिन्दू लड़कियों को फंसाना शुरू किया। जब हम दोनों से दो हिन्दू लड़कियां फंस गई तो हम पार्षद अनवर कादरी के पास पहुंचे। हमें पता था कि पार्षद हिन्दू लड़कियों को फंसाने पर बहुत पैसे देता है। दोनों ने बताया कि जब हम पार्षद के पास पहुंचे तो उसने मोबाइल में हिन्दू लड़कियों के फोटो देखे और इसके बाद हमें पैसे भी दिए। इन पैसों से हमने लड़कियों को महंगे मोबाइल दिलाए और खूब गिफ्ट दिए। हम उन्हें घुमाने भी ले जाते थे।
कैसे हुआ खुलासा
इन लड़कों ने हिन्दू लड़कियों को फंसाने के बाद अपने दोस्तों को इन लड़कियों के फोटो दिखाए। इनके ही किसी दोस्त ने यह फोटो हिन्दू संगठनों को पहुंचा दिए। हिन्दू संगठनों ने इन लड़कों को पकड़ा और इनसे पूछताछ की। इसके बाद इन लड़कियों के परिवार वालों को इसकी जानकारी दी और उन्हें पुलिस के पास जाने के लिए कहा।
बड़ा सवाल - कहां से आई फंडिंग
पुलिस के सामने यह बड़ा सवाल है कि पार्षद अनवर कादरी इतना पैसा कहां से लाता था। एक लड़की को फंसाने के लिए वह लाखों रुपए दे रहा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरे रैकेट में कौन कौन लोग हैं।
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पुलिस मार रही छापे
पुलिस कादरी को पकड़ने के लिए लगातार छापे मार रही है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ साल से अपने घर पर नहीं रहता है। उसने हाल ही में नया घर लिया है जहां पर वह रहता है। उसका परिवार पुराने घर में ही रहता है।
पार्षद पर दर्ज हैं कई केस
पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत पर पूर्व से ही कई दर्जन मामले दर्ज हैं। अनवर कादरी पहले कई तरह के व्यापार कर चुका है। बाद में वह राजनीति में आया और कांग्रेस में शामिल हुआ। पिछले साल 24 फरवरी 2024 को अपने पड़ोसी से हुए विवाद के बाद वह अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर घर में घुस गया था। इसके बाद पीड़ित की शिकायत पर आरोपी पार्षद कादरी जेल भी जा चुका है। वहीं पिछले दिनों ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किए गए प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के मामले में सदर बाजार पुलिस ने पार्षद कादरी पर देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का मामला दर्ज किया था और जेल भेज दिया था।
भाजपा ने कहा कांग्रेस इस्तीफा क्यों नहीं ले रही
इस मामले में बीजेपी के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने भी अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को तुरंत पार्षद अनवर कादरी का इस्तीफा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस के पार्षद अब हिंदू बेटियों को लव जिहाद के मामले में फंसाने के लिए फंडिंग करने का कार्य कर रहे हैं। पूर्व की कमलनाथ सरकार में पार्षद कादरी को बंदूक का लाइसेंस दिया गया था जिसे जल्द से जल्द निरस्त करने की मांग भी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने की है।
केस की फैक्ट फाइल समझिए-
कब सामने आया मामला
ये पूरा मामला 14 जून 2025 शनिवार को सामने आया। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई।
कितने आरोपी
इस केस में मुख्य रूप से तीन आरोपी हैं। दो युवक साहिल शेख और अल्ताफ (गिरफ्तार) को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि पार्षद अनवर कादरी अभी फरार चल रहा है।
कबसे चल रही थी साजिश
इस केस को लेकर पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि युवक एक साल से युवतियों के संपर्क में थे।
कितने पैसे दिए गए
अभी तक जो रकम सामने आई है वो करीब तीन लाख रुपए है जो कादरी ने युवकों को दी है।
कितनी लड़कियों को फंसाया
केस में अभी तक दो लड़कियां सामने आईं है। पुलिस के अनुसार इसमें और भी लड़कियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल जांच जारी है। बाकी का खुलासा कादरी के हिरासत में आने के बाद होगा।
पुलिस जांच में क्या मिला
2 आरोपी युवकों के मोबाइल में कई हिन्दू लड़कियों के फोटो और वीडियो
आगे क्या होगा
2 आरोपी युवकों को कोर्ट में पेश किया, पुलिस रिमांड ली जाएगी। पार्षद के पकड़ाने पर और भी खुलासे होंगे।