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Indore Bawadi Accident: रहवासियों की मांग, मंदिर का अतिक्रमण जल्द तोड़ें, जब भी घंटी बजेगी हमारा दिल रोएगा

Sat, 01 Apr 2023 07:14 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बावड़ी हादसे के घटनास्थल पर पहुंचे, मृतकों के परिजन से मिले, अस्पताल के साथ लोगों के घरों पर भी गए
 
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इंदौर बावड़ी हादसा - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ शनिवार को इंदौर के बेलेश्वर महादेव मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजन से मिलने पहुंचे। सुबह 9 बजे वे एप्पल अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल में भर्ती हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनके परिजन से बातचीत की। उन्होंने घटनास्थल पर हुए हादसे के बारे में लोगों से पूछा। इसके बाद वे अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सपना संगीता पर मौजूद घटनास्थल पर उनके साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। आसपास के रहवासियों ने उन्हें यहां पर लंबे समय से हो रही लापरवाही के बारे में जानकारी दी। 
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शिवराज सिंह केवल इवेंट मैनेजमेंट करते हैं- कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यहां पर कहा कि स्थानीय रहवासियों ने अवैध निर्माण की शिकायत की है। सात दिनों में इसे नहीं तोड़ा गया तो हम दोषियों के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। यह हादसा अवैध निर्माण का ही परिणाम है। कमलनाथ ने रेस्क्यू ऑपरेशन की गति पर भी सवाल उठाए। कहा, हमारी सरकार आएगी तो हर जिले में रेपिड रेस्क्यू फोर्स का गठन किया जाएगा, जो 15 मिनिट में मौके पर पहुंचेगी। आर्मी की टीम 12 घंटे बाद पहुंची, तब तक कोई प्रबंध नहीं था और इसे हम स्मार्ट सिटी कहते हैं। यह शर्म की बात है। लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हमसे बात नहीं की, हमारी सुनी भी नहीं। शिवराज सिंह केवल इवेंट मैनेजमेंट करते हैं और मीडिया के सामने मुआवजे से सब कुछ साफ करते हैं। रहवासियों ने कमलनाथ को यह भी बताया कि इस पूरे मामले में स्थानीय नेताओं और अधिकारियों ने किस तरह से दबाव बनाया और लगातार गलतियां की। रहवासी मंदिर का अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे थे लेकिन कहीं पर भी सुनवाई नहीं हो रही थी। 

रहवासियों का दर्द फूटा
कमलनाथ से रहवासियों ने कहा कि मुख्यमंत्री यहां पर आए तो हमसे बात तक नहीं की। अभी तक न तो अतिक्रमण हटा है न ही किसी बड़े अधिकारी पर कोई एक्शन लिया गया है। वे बस मुआवजा देकर हर मामला खत्म करना चाहते हैं।
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प्रयोग करते रहे अधिकारी
कमलनाथ से एक महिला ने कहा कि बावड़ी से लोगों को निकालने के लिए पहले नगर निगम को बुलाया गया लेकिन वे लोगों को नहीं निकाल सके। इसके बाद भोपाल से टीम बुलाई गई। जब दोनों टीमें काम नहीं कर पाईं तब महू से एनडीआरएफ और सेना को बुलाया गया। यदि प्रशासन इन्हें पहले बुला लेता तो शायद बहुत सारे लोगों की जान बच सकती थी। 
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