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Indore Fire Tragedy:आग ने मां के साथ आने वाली संतान को भी छीना, गर्भवती थी पुगलिया परिवार की बहू सिमरन

Wed, 18 Mar 2026 02:04 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर के ब्रजेश्वरी एनेक्स में लगी आग ने सिर्फ एक परिवार को नहीं उजाड़ा बल्कि एक मां बनने जा रही सिमरन की जिंदगी भी छीन ली। चार महीने से अधिक की गर्भवती सिमरन अपने अजन्मे बच्चे के साथ हमेशा के लिए इस दुनिया से चली गई।
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गर्भवती थी सिमरन, हादसे में मौत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर। ब्रजेश्वरी कॉलोनी में पुगलिया परिवार के मकान में लगी आग ने दो परिवारों को तबाह कर दिया। पुगलिया परिवार के मुखिया मनोज पुगलिया और उनकी बहू सिमरन की इस हादसे में मौत हो गई। सिमरन, मनोज के बेटे सौरभ की पत्नी थी। वह तीन साल पहले ही इस घर की बहू बनकर आई थी और गर्भवती थी। उसने इस परिवार के साथ एक नई जिंदगी के सपने भी संजोए थे। 

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चार माह का गर्भ था
चार महीने से अधिक की गर्भवती सिमरन अब इस दुनिया में नहीं रहीं और उनके साथ ही उस नन्ही जान ने भी दम तोड़ दिया, जो अभी इस दुनिया में आने वाली थी। गर्भवती होने के कारण डाॅक्टरों ने आराम की सलाह दी थी। इस कारण सिमरन नीचे की मंजिल पर थी। 
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जनवरी में हुई थी शादी, सामान लेने कमरे में गई थी
हादसे में मृत कारोबारी मनोज पुगलिया के तीन बेटे हैं। दूसरे नंबर के बेटे की जनवरी माह में शादी हुई थी। उसकी पत्नी मायके में थी। तीसरे बेटे की शादी नहीं हुई है। बताया जाता है कि सौरभ ने अपनी पत्नी सिमरन को भी छत पर चलने के लिए कहा, लेकिन वह कुछ जरूरी सामान लेने कमरे के भीतर चली गई। इसके बाद पूरे घर में इतना धुआं भर गया कि नीचे के हिस्से में लोगों का दम घुटने लगा। मनोज के तीनों बेटे और पत्नी छत के रास्ते पड़ोसी की छत पर चले गए, जबकि मेहमानों को छत पर जाने का मौका भी नहीं मिल पाया। 



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साले विजय सेठिया का परिवार रात में ही आया था
मनोज के साले विजय सेठिया और उनका परिवार रात को ही घर आया था। खाना खाने के बाद रात 12 बजे तक सभी नीचे बैठकर बातें करते रहे। इसके बाद सभी अलग-अलग कमरों में सोने चले गए थे।
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बेटा आया कीमती सामान लेने
आग लगने पर तीनों बेटों को भागने के अलावा कुछ नहीं सूझा। सबसे पहले उन्होंने अपनी जान बचाई। घर में कीमती सामान और जेवर रखे थे। इन्हें निकालने के लिए बेटा सौरभ सुबह आठ बजे अपने जले हुए घर पर फिर पहुंचा। सौरभ ने बताया कि जब आग लगी, तब पूरे घर में काला धुआं भरा हुआ था और सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी।

9 गैस सिलिंडर मिले, एक फूटा था
फायर ब्रिगेड ने जले हुए घर से 9 गैस सिलिंडर भी निकाले, जिनमें कुछ खाली थे। आग उन सिलिंडर तक नहीं पहुंची, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था। हालांकि, रसोई  घर में रखे एक सिलिंडर में विस्फोट हुआ था।

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