सार
Indore News: इंदौर एयरपोर्ट ने 87 साल में हवाई यात्रा के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है, और इस साल 35.70 लाख यात्रियों ने इसका लाभ उठाया। आगामी वर्षों में नए इंटरनेशनल रूट्स और 100 फ्लाइट्स प्रतिदिन के लक्ष्य के साथ एयरपोर्ट का विस्तार जारी है।
87 साल पहले, 7 दिसंबर 1937 को, देश के प्रमुख उद्योगपति जेआरडी टाटा ने अपना विमान लेकर इंदौर की यात्रा की थी। इस ऐतिहासिक घटना के बाद, इंदौर ने हवाई यात्रा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। शुरूआत में इंदौर में विमान सेवाएं सीमित थीं, लेकिन समय के साथ इंदौर एयरपोर्ट का विस्तार हुआ, और आज यह शहर हवाई यात्रा के मामले में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। इस वर्ष, 1 जनवरी से 7 दिसंबर तक, इंदौर एयरपोर्ट से लगभग 35.70 लाख यात्री विभिन्न विमानों से यात्रा कर चुके हैं।
यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 31,000 ज्यादा है, और अनुमान है कि यह संख्या 31 दिसंबर तक 40 लाख तक पहुंच जाएगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर वीके सेठ ने बताया कि 7 दिसंबर को ही इंदौर में विमान सेवा के 87 साल पूरे हुए हैं और तब से लेकर अब तक यहां की हवाई यात्रा सेवाओं में निरंतर विस्तार हुआ है। इंदौर से पहले मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों के लिए फ्लाइट्स शुरू हुईं और अब इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी संचालित हो रही हैं। वर्तमान में, इंदौर एयरपोर्ट से शारजाह के लिए एकमात्र अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट उपलब्ध है, जो सप्ताह में तीन दिन चलती है। इसके अतिरिक्त, 15 दिसंबर से कोलकाता के लिए, 15 जनवरी से हैदराबाद के लिए और कुछ समय बाद भुवनेश्वर के लिए भी फ्लाइट्स शुरू हो रही हैं। खास बात यह है कि बैंकाक के लिए सीधी उड़ान की अनुमति थाईलैंड सरकार से मिल चुकी है, जो जनवरी से शुरू होगी। इंदौर एयरपोर्ट का लक्ष्य 2025 तक प्रतिदिन 100 फ्लाइट्स चलाने का है, और इसके लिए एयरपोर्ट के पुराने एटीसी बिल्डिंग को तोड़कर नया टर्मिनल बनाने की योजना है। इस विस्तार के साथ-साथ यात्रियों की संख्या में हर साल लगभग 15 प्रतिशत वृद्धि हो रही है। इसी के मद्देनजर एयरपोर्ट में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकें और इंदौर एयरपोर्ट हवाई यात्रा के क्षेत्र में और भी महत्वपूर्ण बन सके।