सार
पिछले लोकसभा चुनाव में इंदौर संसदीय क्षेत्र से विजयवर्गीय का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा था, लेकिन वे पश्चिम बंगाल के प्रभारी थे। लोकसभा चुनाव की व्यस्तता को देखते हुए उन्होंने इंदौर सीट से चुनाव लड़ने की दावेदारी से खुद को अलग कर लिया था।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
- फोटो : amar ujala digital
भाजपा महासचिव पद से इस्तीफा देनेे से यह तय हो चुका है कि कैलाश विजयवर्गीय अब पूरी तरह प्रदेश में सक्रिय रहेंगे। इसके बाद मालवा निमाड़ की राजनीति में लोकसभा चुनाव के समीकरण बदल गए है और सांसद शंकर लालवानी खेमा भी खुश है,क्योकि यदि विजयवर्गीय लोकसभा चुनाव की दावेदारी जताते तो फिर लालवानी की दावेदारी कमजोर हो जाती, लेकिन अब लालवानी का दावा फिर से मजबूत हो जाएगा।
पिछले लोकसभा चुनाव में इंदौर संसदीय क्षेत्र से विजयवर्गीय का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा था, लेकिन वे पश्चिम बंगाल के प्रभारी थे। लोकसभा चुनाव की व्यस्तता को देखते हुए उन्होंने इंदौर सीट से चुनाव लड़ने की दावेदारी से खुद को अलग कर लिया था। इसके बाद संगठन ने शंकर लालवानी को टिकट दिया।
विधानसभा चुनाव में जब विजयवर्गीय को एक नंबर विधानसभा सीट से भाजपा ने उम्मीदवार घोषित किया। तब राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जाने लगे थे कि उन्हें मुख्यमंत्री या भाजपा प्रदेशााध्यक्ष जैसा महत्वपूर्ण पद दिया जा सकता है, लेकिन दोनो ही पद विजयवर्गीय के हिस्से नहीं आए।
विजयवर्गीय को कैबिनेट मंत्री बनाकर नगरीय प्रशासन विभाग सौपा गया है। विजयवर्गीय और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच राजनीतिक तालमेल अच्छा है, इसलिए विजयवर्गीय ने भी प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने का मन बना लिया है।
मालवा निमाड़ क्षेत्र से इंदौर के अलावा खंडवा लोकसभा सीट भी सामान्य है। पिछली बार खंडवा सीट के लिए भी विजयवर्गीय का नाम चला था। 9 साल तक भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के पद पर रहकर विजयवर्गीय ने दिल्ली की राजनीति कर ली और अब संगठन के इशारे पर प्रदेश की राजनीति में पैठ जमाएंगे।
लालवानी की दोबारा दावेदारी मजबूत
विजयवर्गीय के मंत्री बनाए जाने के बाद सांसद शंकर लालवानी की इंदौर लोकसभा सीट के लिए दावेदारी दोबारा मजबूत हो गई है। विजयवर्गीय के साथ लालवानी का राजनीतिक संतुलन भी अच्छा रहता है, इसलिए पिछले चुनाव में उन्होंने लालवानी के टिकट में कोई अड़चन पैदा नहीं की थी। इस बाार फिर लालवानी की विजयवर्गीय मदद कर सकते है ।