इंदौर में नगर निगम जलसंकट को देखते हुए शहरवासियों को पानी बचाने के लिए चेता रहा है और पानी की बचत की बात कही जा रही है, लेकिन नगर निगम की जलप्रबंधन व्यवस्था ही कमजोर साबित हो रही है। गुरुवार को जलसंकट से निपटने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बैठक ले रहे थे और बायपास पर नर्मदा लाइन फूट गई। लाखों लीटर पानी सड़कों पर बह गया।
गुरुवार को बंगाली चौराहे से बायपास के बीच अचानक नर्मदा लाइन में लीकेज हुआ और 20 फीट तक पानी की बौछार उड़ने लगी। जब लाइन फूटी, तब बंगाली कॉलोनी क्षेत्र की टंकी लाइन से भरी जा रही थी।
लाइन से नर्मदा का बहाव इतना तेज था कि सड़क से वाहन नहीं गुजर पाए और ट्रैफिक जाम होने लगा। लोगों ने नर्मदा कंट्रोल रूम पर फोन कर लाइन फूटने की सूचना दी। इसके बाद सप्लाई बंद की गई। इस कारण पूर्वी क्षेत्र की टंकियां नहीं भर पाईं। बाद में मौके पर टीम पहुंची और फूटे पाइप को बदलने का काम शुरू किया गया।
जब यह लाइन फूटी, तब शहर के जनप्रतिनिधि और अफसर पानी की बचत और जलप्रबंधन को लेकर बैठक में मंथन कर रहे थे। आपको बता दें कि तीन दिन पहले भी फूटे पाइपों की मरम्मत के लिए छह घंटे तक नर्मदा के पंप बंद रखे गए थे। इस कारण शहर की 20 टंकियों में पानी नहीं भर पाया था।