इंदौर में आदिवासी दिवस पर एक बड़ी रैली निकली। जिसमें आदिवासी समाज ने अपनी ताकत दिखाई। हजारों की संख्या में समाजजन रैली में शामिल हुई। इनमें युवाअेां की संख्या ज्यादा थी।
इंदौर में हर साल आदिवासी दिवस पर रैली निकाली जाती है। इस बार रक्षाबंधन भी था। माना जा रहा था कि पर्व के कारण भीड़ कम होगी, लेकिन इस बार भी बड़ी संख्या में रैली में लोग शामिल हुए। रैली का एक सिरा कलेक्टर कार्यालय के समीप था तो दूसरा सिरा कर्बला मैदान तक था। रैली लालबाग परिसर से शुरू हुई। युवक-युवतियां मांदल की थाप पर पारंपरिक नृत्य करते हुए चल रहे थे। वे पारंपरिक परिधानों में ही रैली में शामिल हुए।
रैली में डीजे वाहन भी थे। जिन पर लोक गायकों के भजन बजाए जा रहे थे और पीछे युवक डांस कर रहे थे। अमू काका बाबा न पोयरा...गीत पर नृत्य किया गया। इस रैली में शामिल होने के लिए इंदौर के अलावा महू, मानपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग आए थे। कई आदिवासी युवक-युवतियां इंदौर में पढ़ाई के लिए रहते है। वे रक्षाबंधन पर गांव नहीं गए और रैली मे शामिल होने के लिए इंदौर में ही रुके रहे।
रैली का स्वागत करने के लिए जगह-जगह मंच भी लगाए गए थे। इस रैली में जयस सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। रैली लालबाग से हेमू कालानी तिराहा, चोथइराम होते हुए राजीवगांधी चौराहा पहुंची। वहां पर सभा भी आयोजित की गई।