50 से ज्यादा प्रजातियों के पौधे चेन्नई से आ रहे है। इनमें नीम, अर्जुन, बरगद, गुलमोहर, केसुनिया, जामुन, बादाम आदि शामिल है। गुरुवार से ट्रक इंदौर में आना शुरू हो जाएंगे। इन पौधों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाएगा
इंदौर मेें 51 लाख पौधे रोपने के अभियान के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां हो रही है। अब तक शहर मेें 15 लाख से ज्यादा गड्ढे किए जा चुके है। सबसे ज्यादा पौधे बीएसएफ टेकरी पर रौपे जाएंगे। वहां दो लाख से ज्यादा गड्ढे किए जा चुके है। 7 जुलाई से शुरू होने वाले अभियान के लिए 15 ट्रक चेन्नईई से इंदौर के लिए रवाना हो चुके है। डेढ़ लाख से ज्यादा पौधे वहां से मंगाए गए है।
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जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि 50 से ज्यादा प्रजातियों के पौधे चेन्नई से आ रहे है। इनमें नीम, अर्जुन, बरगद, गुलमोहर, केसुनिया, जामुन, बादाम आदि शामिल है। गुरुवार से ट्रक इंदौर में आना शुरू हो जाएंगे। इन पौधों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाएगा और उनकी देखभाल के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। इस अभियान केे लिए वन विभाग भी तैयारी कर रहा है। अफसरों ने भी वन विभाग की अलग-अलग रौपणियों से पौधे मंगाए है।
वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की तैयारी
एक साथ 11 लाख पौधे लगाकर इंदौर में गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की तैयारी भी की जा रही है। एक दिन में 9 लाख पौधे लगाने का रिकार्ड असाम का है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नेे बताया कि एक साथ 11 लाख पौधे लगाने की तैयारी जारी है।
14 जुलाई को यह पौधे एक साथ शहर में लगेंगे। इंदौर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पौधे लगाए जा रहे है। हमारा लक्ष्य छह से सात सालों मेें इंदौर व आसपास पांच करोड़ पौधे लगाने का है, ताकि गर्मी में तापमान न बढ़े।