इंदौर के देपालपुर में लव जिहाद का मामला सामने आया है। एक हिंदू युवती द्वारा मुस्लिम धर्म अपनाने से इंकार करने पर पति और जेठ दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि उसे प्रेम जाल में फंसाकर शादी की गई और शादी के बाद से ही ससुराल वाले जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाल रहे थे। पीड़िता ने पति और जेठ पर दुष्कर्म का केस भी दर्ज कराया है। पीड़िता ने पति पर यह भी आरोप लगाया है कि बिना बताए ही पति ने उसके आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर दी और नाम बदल दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी पति इरशाद ने सात साल पहले खुद को शक्तिसिंह बताकर मुझे अपने प्रेम जाल में फंसाया था। हम दोनों ने जब लव मैरिज की ली तब उसने अपना असली नाम इरशाद बताया। वह पेशे से ड्राइवर है। नवंबर 2016 में जब वह 17 साल की थी तो उसने इरशाद से शादी कर ली थी। शादी के बाद उसे एक बेटा ओर बेटी है। दो महीने पहले फरवरी से वह मुझे हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए जबरदस्ती कर रहा है। जब मैं बहुत अधिक परेशान हो गई तो मैंने यह बात अपने जेठ मुकीम को बताई तो उसने भी पति इरशाद का ही साथ दिया। वह कहने लगे की तू तो नीच जाति की है, मुस्लिम धर्म अपना ले। इसके बाद जेठ मुझ पर बुरी नजर भी रखने लगा। जब मैंने मुस्लिम बनने से मना किया तो जेठ ने भी मेरे साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पति और जेठ दोनों ने कई बार मिलकर मेरे साथ दुष्कर्म किया।
परिवार के किसी ने पीड़िता की मदद नहीं की
पीड़िता ने कहा कि मैंने परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस मामले की जानकारी दी, लेकिन किसी ने मेरी मदद नहीं की। इरशाद और मुकीम दोनों मुझे जान से मारने की धमकी देने लगे और बोले कि तू जब तक मुसलमान नहीं बनेगी तब तक हम दोनों भाई तेरे साथ ऐसे ही दुष्कर्म करते रहेंगे। इसके बाद मैं उन दोनों से परेशान होकर महू से अपने बच्चों को लेकर देपालपुर अपने मायके आ गई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह खंडवा में रहती है, लेकिन शादी के बाद से महू में रह रही थी।
विज्ञापन
गौतमपुरा थाना प्रभारी संगीता सोलंकी ने बताया कि 24 साल की युवती की शिकायत पर उसके पति इरशाद ओर जेठ मुकीम के खिलाफ 376, 376 (2) (एन), 506, 34 भादवि 3(2) (5) एससीएसटी एक्ट एवं 3/5 धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत केस दर्ज किया गया है।
हिंदूवादी संगठन ने की पीड़िता की मदद
पीड़िता ने जब पूरी बात अपने परिवार को बताई तब उसके परिजन ने हिंदूवादी संगठन के रमेश जाट को मामले की जानकारी दी। उन्होंने युवती के दस्तावेज देखे तो पता चला कि दोनों भाइयों ने जन्म तारीख से जुड़े दस्तावेजों में भी हेरफेर कर दी थी। युवती का नाम बदलकर मुस्लिम कर दिया गया था। पीड़िता ने जाली दस्तावेजों को लेकर भी शिकायत दर्ज करवाई है।